रायपुर। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की CBI विशेष अदालत ने 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सौरभ को विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने CBI को पूछताछ के लिए 8 दिन की हिरासत की अनुमति दी।
दिल्ली CBI मुख्यालय में होगी पूछताछ
अदालत से रिमांड मिलने के बाद अब CBI सौरभ चंद्राकर को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान महादेव ऐप के संचालन, कथित सट्टेबाजी नेटवर्क और इससे जुड़े आर्थिक लेन-देन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
CBI यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित नेटवर्क का संचालन किस तरह होता था, इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे और सट्टे से होने वाली रकम का लेन-देन किन माध्यमों से किया जाता था।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद पहली बड़ी कानूनी कार्रवाई
सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद भारत लाया गया है। इसके बाद CBI ने उसे विशेष अदालत के समक्ष पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगी थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की।
अब जांच का अगला चरण CBI मुख्यालय में होने वाली पूछताछ के साथ शुरू होगा। माना जा रहा है कि एजेंसी सौरभ से महादेव ऐप के नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और कथित वित्तीय गतिविधियों को लेकर विस्तार से पूछताछ करेगी।
ED की कार्रवाई पर भी नजर
महादेव ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी अलग से जांच कर रहा है। ऐसे में CBI की पूछताछ के साथ ED की आगे की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है। सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियां जांच एजेंसियों के लिए अहम मानी जा रही हैं।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद सौरभ चंद्राकर CBI की 8 दिन की कस्टडी में रहेगा। इस दौरान होने वाली पूछताछ से महादेव ऐप मामले में कथित नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई पहलुओं के सामने आने की उम्मीद है।




