कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में खदान की मशीनों में आगजनी और मौके से मिले कथित नक्सली पर्चों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोहत्तर थाना क्षेत्र के ग्राम चेमल स्थित पुष्प स्टील लिमिटेड की लौह अयस्क खदान में अज्ञात लोगों ने तीन पोकलेन मशीनों में आग लगा दी। आग से तीनों मशीनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।

जानकारी के मुताबिक, शाम को काम खत्म होने के बाद मजदूर खदान से अपने कैंप लौट गए थे। सुबह जब वे वापस पहुंचे तो मशीनों में आग लगी मिली। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद लोहत्तर थाना पुलिस और SDOP शेर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
मौके से मिले दो पर्चे
घटनास्थल से दो पर्चे मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। पर्चों में खदान को नियमित रूप से संचालित करने और एक सप्ताह के भीतर मांगें पूरी करने की बात लिखी गई है। पर्चों पर ‘लाल सलाम’ भी लिखा है।
पर्चों की भाषा और आगजनी के तरीके को देखते हुए पुलिस नक्सली कनेक्शन की संभावना से भी जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक घटना को नक्सली वारदात होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पर्चे वास्तव में नक्सलियों ने छोड़े हैं या किसी अन्य व्यक्ति अथवा समूह ने नक्सली संगठन के नाम और तरीके का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है, जबकि आसपास के इलाके में भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी खंगाली जा रही है।
2026 में बस्तर को नक्सल गतिविधियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद सामने आई इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही आगजनी के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी।




