राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के अंतिम दौर में राजनांदगांव से ऑनलाइन वोटिंग को लेकर विवाद सामने आया है। शहर जिला अध्यक्ष पद के कुछ उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने मोबाइल नंबर और आईडी के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
शहर जिला अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अमर झा ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उनकी मोबाइल आईडी के जरिए उनकी सहमति के बिना दूसरे पक्ष के पक्ष में वोटिंग की जा रही है। उन्होंने मामले की शिकायत चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी से किए जाने की बात कही है।
इसी तरह उम्मीदवार विप्लव शर्मा ने भी अपने मोबाइल और आईडी से जुड़ी कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उनके नंबर पर किसी अन्य व्यक्ति की आईडी दिखाई दे रही है और उसी के माध्यम से वोटिंग की जा रही है। उन्होंने भी इसकी शिकायत आरओ से किए जाने की जानकारी दी है।
अंतिम दौर में सामने आया विवाद
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का संगठनात्मक चुनाव पिछले करीब एक महीने से ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए चल रहा था। सदस्यता और मतदान की प्रक्रिया के अंतिम चरण में सोशल मीडिया पर कथित फर्जी वोटिंग से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
राजनांदगांव शहर जिला अध्यक्ष पद के लिए अमर झा, विप्लव शर्मा और अनिस खान समेत अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं। अमर झा को जितेंद्र मुदलियार के खेमे से, जबकि विप्लव शर्मा को लिखिल द्वेदी और अनिस खान को आसिफ अली व संतोष पिल्ले के समर्थन वाले उम्मीदवार के तौर पर बताया जा रहा है।
RO ने कहा- शिकायत मिली है, जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
मामले में राजनांदगांव के रिटर्निंग अधिकारी सतीश आर्यन ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उनके अनुसार शिकायतों की संख्या और पूरे मामले की जानकारी जांच के बाद स्पष्ट की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एप में हैकिंग जैसी कोई समस्या सामने नहीं आई है और एप सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
बताया गया है कि राजनांदगांव जिले में शहर जिला अध्यक्ष पद के लिए करीब 15 हजार सदस्य बनाए गए हैं। सदस्यता शुल्क 75 रुपये निर्धारित था और सदस्यता के बाद ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था थी। युवा कांग्रेस के चुनाव में शहर अध्यक्ष, ग्रामीण अध्यक्ष और महासचिव समेत विभिन्न पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है।
फिलहाल उम्मीदवारों की ओर से लगाए गए आरोपों और आरओ को मिली शिकायतों के आधार पर आगे की जांच का इंतजार है। आरोप सही हैं या तकनीकी कारणों से यह स्थिति बनी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।




