रायपुर/जीपीएम. छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में युवा कांग्रेस की पूर्व में भी विवादों से घिरी राष्ट्रीय सह सचिव प्रीति मांझी फिर एक बार मुश्किलों में फंस गई है। शासकीय कार्य में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप में प्रीति मांझी और उनके माता-पिता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इससे पहले भी नक्सलवाद के समर्थन की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर प्रीति मांझी विवादों में घिर गई थी।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की ग्राम पंचायत लालपुर के सरपंच और सचिव ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश, सरकारी भवन निर्माण के ले-आउट के दौरान हंगामा करने, अश्लील गालियां देने और जान से मारने की दी धमकी पर FIR दर्ज कराई है।
दरअसल थाना – गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर स्थित शासकीय भूमि जिसका खसरा नंबर 6/1 एवं 8/1 है, इस पर छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना “महतारी सदन” के तहत 30 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण का कार्य स्वीकृत हुआ है। इस भवन के निर्माण कार्य के ले-आउट के दौरान प्रीति माझी और उनके मात – पिता द्वारा लगातार व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है। इसी माह की 3 सितंबर को सफाई कार्य के दौरान भी मांझी परिवार द्वारा कार्य रुकवाया गया था, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी।
इसके बाद 19 सितंबर 2026 को दोपहर जब शासकीय अमले और विभागीय इंजीनियर की मौजूदगी में ले-आउट का कार्य चल रहा था, तब प्रीति मांझी और उसके माता-पिता ने पुनः मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान उपस्थित ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और शासकीय कर्मचारियों को अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और शासकीय कार्य बंद करा दिया। राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि जिस पर भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है वह शासकीय स्वामित्व की रिक्त भूमि है तथा राजस्व निरीक्षक और पटवारी की जांच रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है। जब की इसी भूमि पर प्रीति मांझी और उसका परिवार अपना दावा कर रहा है। शासकीय दस्तावेजों और राजस्व विभाग के अमले के अनुसार मांझी परिवार का कोई वैध अधिकार या कब्जा नहीं है। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार भी मांझी परिवार द्वारा जबरन हंगामा किया जा रहा है।
सरपंच इंदरनिया बाई और ग्राम पंचायत सचिव अंजनी कुमार यादव की लिखित शिकायत पर पुलिस ने शासकीय कार्य में व्यवधान डालने और अधिकारियों को डराने-धमकाने के इस आपराधिक कृत्य पर प्रीति मांझी और उसके माता-पिता पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 221 (लोक सेवक के कार्य में बाधा), धारा 296 (अश्लील गालियां) और धारा 351(3) (अपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।




