बस्तर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज इन दिनों अपने गृह जिले बस्तर के दौरे पर हैं। गांव-गांव पहुंचकर वे भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और विकास के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। पुल की बदहाल स्थिति के बाद अब उन्होंने सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
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दीपक बैज ने बस्तर जिले की ग्राम पंचायत चिड़पाल स्थित प्राथमिक शाला का दौरा किया। यहां की स्थिति का वीडियो सामने रखते हुए उन्होंने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। बैज ने दावा किया कि स्कूल में बच्चों की संख्या के अनुपात में न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही कक्षाओं के लिए पर्याप्त भवन उपलब्ध है।
153 बच्चों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप
दीपक बैज के मुताबिक, चिड़पाल के इस प्राथमिक स्कूल में करीब 153 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण एक ही कमरे में बड़ी संख्या में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।
बैज ने बताया कि स्कूल में पांच शिक्षक और एक प्रधान पाठक की आवश्यकता है। उनके अनुसार, शिक्षकों में से किसी एक के अवकाश पर चले जाने की स्थिति में पढ़ाई की व्यवस्था और प्रभावित हो जाती है।
उन्होंने स्कूल के अतिरिक्त कक्ष की स्थिति पर भी सवाल उठाया। बैज का कहना है कि यह कमरा काफी संकरा है, जिसके कारण बच्चों को बैठने और पढ़ाई करने में परेशानी होती है। वहीं स्कूल का पुराना भवन जर्जर हो चुका है और उसमें कक्षाएं संचालित नहीं की जा रही हैं।
वीडियो बनाकर सरकार पर साधा निशाना
स्कूल का निरीक्षण करने के दौरान दीपक बैज ने मौके की स्थिति का वीडियो भी बनाया। उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन अंदरूनी इलाकों के स्कूलों की वास्तविक तस्वीर अलग है।
बैज ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के जिम्मेदार लोगों को बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर स्कूलों की जमीनी स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी या बड़े शहरों से बैठकर बस्तर के विकास की तस्वीर पूरी तरह समझना संभव नहीं है।
पहले पुल, अब स्कूल को लेकर सरकार को घेरा
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी दीपक बैज ने अपने विधानसभा क्षेत्र चित्रकोट के चीतापुर में लंबे समय से क्षतिग्रस्त पुल का मुद्दा उठाया था। उन्होंने टूटे पुल के स्थान पर ग्रामीणों द्वारा बनाए गए अस्थायी बांस-बल्लियों के रास्ते को लेकर सरकार पर हमला बोला था।
अब सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर बैज ने भाजपा सरकार के विकास और शिक्षा मॉडल पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि बस्तर में विकास के बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो अंदरूनी गांवों के बच्चों को बुनियादी शैक्षणिक सुविधाएं कब मिलेंगी।
हालांकि, स्कूल की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर शिक्षा विभाग क्या कदम उठाता है।




