बीजापुर। आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बीजापुर जिले में अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। जिले की भैरमगढ़ और भोपालपटनम नगर पंचायतों में पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने पर फोकस बढ़ा दिया है। दोनों निकायों में फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है, ऐसे में भाजपा की नजर सत्ता परिवर्तन पर है।
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इसी सिलसिले में भाजपा कार्यालय में संगठन महामंत्री पवन साय ने दोनों मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों, संगठन की स्थिति और जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
दोनों नगर पंचायतों में संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी
भाजपा ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। इसी के तहत भैरमगढ़ नगर पंचायत की जिम्मेदारी क्षेत्रा मटामी को प्रभारी के रूप में दी गई है। पायल गुप्ता और दीपक वाजपेयी को सह प्रभारी बनाया गया है।
वहीं भोपालपटनम नगर पंचायत के लिए जी. वेंकटेश्वर राव को प्रभारी नियुक्त किया गया है। जानकी कोरसा और श्रीनिवास मुदलियार को सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रभारियों की नियुक्ति के बाद अब पार्टी ने दोनों नगर पंचायतों में चुनावी तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं से स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति
भैरमगढ़ और भोपालपटनम दोनों नगर पंचायतों में कांग्रेस के पास वर्तमान में सत्ता है। ऐसे में भाजपा के सामने इन निकायों में संगठनात्मक ताकत बढ़ाने के साथ-साथ कांग्रेस के प्रभाव को चुनौती देने की बड़ी जिम्मेदारी है।
बैठक में कार्यकर्ताओं से स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने, मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाने और पार्टी की योजनाओं व नीतियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। भाजपा का जोर चुनाव से पहले ही जमीनी नेटवर्क को सक्रिय करने पर है, ताकि मतदान के दौरान संगठन पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर सके।
लगातार हो रही संगठनात्मक बैठकें
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा प्रदेशभर में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है। प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति के बाद स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर चुनावी जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
बीजापुर में हुई बैठक को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस की तरफ से इन दोनों नगर पंचायतों में भाजपा के मुकाबले अभी बड़े स्तर पर चुनावी गतिविधियां सामने नहीं आई हैं।




