रायपुर : रायपुर पहुंचते ही आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जोरदार सियासी हमला बोला है।
यह भी पढ़े :- श्मशान घाट पर काला जादू, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की फोटो रखकर तांत्रिक पूजा; एक आरोपी गिरफ्तार
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार को पूरी तरह हाईजैक कर लिया गया है। मुख्यमंत्री भले ही आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन सरकार दिल्ली और केंद्र के इशारे पर चल रही है।
‘अडानी और मोदी के संदेश पर चल रही सरकार’
संजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर चलाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों के हक पर डाका डाला जा रहा है और प्रदेश के भीतर ‘पेसा (PESA) कानून’ के प्रावधानों का मखौल उड़ाया जा रहा है। विधायक आवास निर्माण के लिए जमीन पर कब्जे जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सीधे अडानी और मोदी की ओर से संदेश आते हैं, जिसके तहत फैसले लिए जा रहे हैं।
‘गैर-भाजपा राज्यों को निशाना बनाना गलत, भाजपा शासित राज्यों में सर्वाधिक पेपर लीक’
देशभर में हो रही भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर बात करते हुए AAP सांसद ने कहा कि देश में अब तक 220 और वर्ष 2015 से अब तक 148 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। छत्तीसगढ़ में भी पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष शासित राज्यों पर उंगली उठाने वाली भाजपा अपने शासित राज्यों (जैसे गुजरात) में हो रहे पेपर लीक पर मौन क्यों है? गुजरात और अन्य भाजपा शासित राज्यों में सबसे अधिक पेपर लीक हुए हैं, जहाँ गुजरात में शिक्षा मंत्री को मजबूरी में इस्तीफा देना पड़ा था।
इसके अलावा यूपीएससी (UPSC) परीक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गलत प्रश्नों और उत्तरों के चलते योग्य अभ्यर्थी पिछड़ रहे हैं और न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
‘हार के डर से सीटें बढ़ा रही है भाजपा’
महिला आरक्षण विधेयक पर रुख स्पष्ट करते हुए संजय सिंह ने कहा कि AAP देशहित के खिलाफ लिए गए फैसलों के विरोध में खड़ी रहेगी। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। परिसीमन और सीट वृद्धि पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि केवल चुनाव में हार के डर से असम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाने का खेल खेला जा रहा है।
UCC पर दो अलग कमेटियां गठित करने की मांग
समान नागरिक संहिता (UCC) पर अपना पक्ष रखते हुए संजय सिंह ने सुझाव दिया कि समाज में होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के लिए दो अलग-अलग निगरानी समितियां गठित की जानी चाहिए:
पहली समिति: जो अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी करे।
दूसरी समिति: जो समाज के अन्य सभी वर्गों के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक समरसता और निष्पक्ष जांच के बजाय समाज को आपस में लड़ाने की राजनीति कर रही है।



