रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों धर्मांतरण, कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों और रायपुर में लागू कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने अलग-अलग मुद्दों पर कांग्रेस और सरकार के विरोधियों पर निशाना साधा, तो कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भी पलटवार करते हुए भाजपा पर कई सवाल खड़े किए।
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अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी पर जांच की मांग
भगवान शिव पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी को लेकर अजय चंद्राकर ने कहा कि गिरफ्तारी महज एक घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पन्नालाल छत्तीसगढ़ में कथित धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े हैं और उनकी गतिविधियों की विस्तृत जांच होनी चाहिए।
चंद्राकर ने उनके आर्थिक स्रोत, विभिन्न संस्थाओं से मिलने वाली राशि और विदेशी फंडिंग समेत कई पहलुओं की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
वहीं कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने गिरफ्तारी को लेकर भाजपा और उससे जुड़े संगठनों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था से जुड़े मामलों में लोगों को उकसाने के बजाय सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए।
कांग्रेस की रैंकिंग पर भी चंद्राकर का तंज
कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की गतिविधियों और संभावित रैंकिंग को लेकर भी अजय चंद्राकर ने कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष किया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास न कोई स्पष्ट कार्यक्रम है, न उद्देश्य और न विजन।
उन्होंने कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर कहा कि पार्टी अपने कैडर को सक्रिय रखने के लिए इस तरह की कवायद कर रही है।
इस पर सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा में अजय चंद्राकर को ही दरकिनार किया गया है। उन्होंने E20 पेट्रोल के मुद्दे को आम जनता से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि भाजपा को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
कमिश्नरेट प्रणाली पर भी मतभेद
रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद व्यवस्था को लेकर भाजपा के भीतर उठ रहे सवालों पर भी अजय चंद्राकर ने अपनी राय रखी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को पूरी तरह स्थापित होने में समय लगेगा।
चंद्राकर ने रायपुर को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के बजाय पूरे शहर को कमिश्नरेट प्रणाली के दायरे में रखने की बात कही।
कांग्रेस ने भी कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था लागू होने के बावजूद अपराधों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा है और आम लोगों की शिकायतों से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं।



