रायपुर। नीट-2026 पेपर लीक के विरोध में रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित आपत्तिजनक पोस्टरों के इस्तेमाल का मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है। प्रदर्शन से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को कई शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच केवल प्रदर्शन में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी जिन्होंने विवादित पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड, साझा या प्रसारित किए। इसके लिए साइबर टीम डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर के कलेक्टोरेट चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ पोस्टरों की भाषा और सामग्री को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ पोस्टरों पर अशोभनीय शब्द लिखे गए थे। यह भी जांच का विषय है कि प्रदर्शन में कुछ नाबालिगों के हाथों में ऐसे पोस्टर कैसे पहुंचे।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रदर्शन के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही विवादित पोस्टर किसने तैयार किए, उनका वितरण किसने किया और प्रदर्शन के दौरान उनका उपयोग किसके निर्देश पर हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, वायरल फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि शिकायतों की पुष्टि होती है, तो कानून के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री साझा करने से बचें और जांच पूरी होने तक अफवाहों पर ध्यान न दें।



