जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जगदलपुर के मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने आयोजित दीपोत्सव को लेकर गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। कार्यक्रम स्थल पर दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस और नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने पर एक-दूसरे की ओर जूते-चप्पल फेंके जाने की बात भी सामने आई है। विवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे।
यह भी पढ़े :- ATM में सांड ने जमाया डेरा, ग्राहक परेशान; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
डेढ़ लाख से अधिक दीयों से सजेगा मंदिर परिसर
भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए डेढ़ लाख से अधिक दीये सजाए गए हैं। कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से यातायात समेत अन्य व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। शाम को दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
दुकानों को लेकर कांग्रेस ने जताया विरोध
कार्यक्रम की तैयारियों के बीच मंदिर के सामने लगने वाली दुकानों और फुटकर व्यापारियों को दुकान नहीं लगाने देने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कांग्रेस का आरोप है कि आयोजन के चलते आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के प्रवेश द्वार बंद किए गए हैं और छोटे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डिप्टी सीएम के पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
विवाद के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और डिप्टी सीएम के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। डिप्टी सीएम के वहां से रवाना होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता भी मंदिर के पास पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जूते-चप्पल भी फेंके गए। करीब एक घंटे तक चले विवाद के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बस्तर आईजी, सीएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में मौके पर स्थिति सामान्य की गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ अभद्रता की गई। वहीं कांग्रेस का कहना है कि दीपोत्सव के नाम पर छोटे व्यापारियों को हटाया जा रहा है और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले को शांत कराने का प्रयास किया गया।




