भाटापारा (छत्तीसगढ़)। बलौदाबाजार जिले की विशेष न्यायालय (NDPS) ने गांजा तस्करी के एक चर्चित मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2024 में भाटापारा शहर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए जीजा-साली को अदालत ने 10-10 साल के सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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20 किलोग्राम से अधिक गांजा हुआ था जब्त
अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष कुमार कनौजे के अनुसार, यह कार्रवाई 7 अक्टूबर 2024 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। भाटापारा शहर पुलिस को जानकारी मिली थी कि मध्य प्रदेश निवासी शिवानंद पटेल और उसकी साली पूजा पटेल रेलवे माल धक्का स्थित सिद्ध बाबा शराब भट्ठी रोड के पास गांजा बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों संदेहियों को धर दबोचा। तलाशी लेने पर आरोपी शिवानंद के बैग से 12.460 किलोग्राम और पूजा पटेल के बैग से 7.590 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने कुल 20.050 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त कर दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
10 गवाहों के बयानों से सिद्ध हुआ दोष
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद, विशेष न्यायाधीश (NDPS) संगीता नवीन तिवारी की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(ii)(B) के तहत दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
तस्करों को सख्त संदेश
अदालत के इस फैसले को नशा तस्करी और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त सजा से अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा।



