Heart Attack Medicine Free : हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोगों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई महंगी एवं जीवनरक्षक दवाएं और इंजेक्शन अब डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती मरीजों को इन दवाओं की सुविधा मिल रही है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के परिवारों पर महंगे इलाज का आर्थिक बोझ कम हो रहा है।
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हार्ट अटैक के इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन भी उपलब्ध
एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, अस्पताल में हृदय रोगों के उपचार के लिए कई महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध हैं। इनमें टिकैग्रिलोर 90 मिलीग्राम, टेनेक्टेप्लेस (TNK-tPA), व्यामाडा, एज़ेटिमाइब, मावाकैम्टेन, सरोग्लिटाज़ार, इवोलोकुमैब (रिपाथा) और सेमाग्लूटाइड सहित अन्य दवाएं शामिल हैं। न्यूमोकोकल वैक्सीन भी अस्पताल की उपलब्ध दवाओं में शामिल है। (Heart Attack Medicine Free)
बाजार में हजारों रुपये कीमत, अस्पताल में मुफ्त
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इनमें कई दवाएं बाजार में काफी महंगी हैं। उदाहरण के तौर पर टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन की कीमत करीब 35 से 40 हजार रुपये और मावाकैम्टेन की कीमत करीब 21 से 22 हजार रुपये तक बताई गई है। हालांकि बाजार कीमत ब्रांड, डोज और पैक साइज के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
ऐसी दवाओं की अस्पताल में चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार निःशुल्क उपलब्धता मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी आर्थिक राहत है।
हार्ट अटैक में खून का थक्का घोलने वाली दवाएं भी उपलब्ध
गंभीर हृदय रोगियों और विशेषकर हार्ट अटैक की आपात स्थिति में उपयोग होने वाली TNK-tPA यानी टेनेक्टेप्लेस के 20, 30 और 40 मिलीग्राम इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्ट्रेप्टोकाइनेज 15 लाख IU इंजेक्शन भी अस्पताल में उपलब्ध है।
इन दवाओं का उपयोग चिकित्सकीय निगरानी में रक्त के थक्के को घोलने के लिए किया जाता है। हार्ट अटैक के मरीजों के उपचार में समय पर ऐसी दवाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है।
एंजियोग्राफी समेत अन्य जरूरी दवाएं भी उपलब्ध
एसीआई में एंजियोग्राफी के दौरान इस्तेमाल होने वाला नॉन-आयोनिक कॉन्ट्रास्ट मीडिया—ऑम्निपेक और विजिपेक भी उपलब्ध है। इसके अलावा एनोक्सापारिन 60 मिलीग्राम, हेपरिन, ह्यूमन एल्ब्यूमिन 20 प्रतिशत, नाइट्रोग्लिसरीन, निकोरैंडिल, आइसोप्रेनालिन और लिडोकेन जैसी दवाएं भी अस्पताल की आपूर्ति में शामिल हैं।
गंभीर संक्रमण या अन्य आपात स्थितियों में इस्तेमाल होने वाली इमिपेनम-सिलास्टिन, पाइपरैसिलिन-टैजोबैक्टम, लाइनजोलिड, टीकोप्लानिन और सेवोफ्लुरेन जैसी दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
निजी तौर पर दवाएं खरीदने का खर्च होगा कम
पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के अनुसार, गंभीर बीमारी के दौरान महंगी दवाओं और इंजेक्शनों की निजी खरीद मरीज के परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है। सरकारी अस्पताल में इनकी निःशुल्क उपलब्धता से मरीजों को बड़ी राहत मिलती है।
अंबेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में गंभीर हृदय रोगियों के उपचार में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण और महंगी दवाएं अस्पताल की व्यवस्था के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे हार्ट अटैक और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को सुलभ उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। एसीआई में महंगी हृदय रोग संबंधी दवाओं की उपलब्धता से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के दौरान आर्थिक राहत मिल रही है। (Heart Attack Medicine Free)




