रायपुर : राजधानी रायपुर की लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण ओवरब्रिज (फ्लाईओवर) परियोजनाएं शासन स्तर पर बजट स्वीकृति न मिलने के कारण अटक गई हैं। हालांकि, दोनों ही परियोजनाओं के टेंडर फाइनल हो चुके हैं और निर्माण एजेंसियों का चयन भी पूरा कर लिया गया है।
लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव कार्यालय में फाइलें लंबित होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, गुरु तेगबहादुर चौक से तेलीबांधा तक प्रस्तावित फ्लाईओवर और रायपुर-अमलेश्वर मार्ग स्थित महादेव घाट ओवरब्रिज की सभी तकनीकी व निविदा प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। शासन से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
केस 1: गुरु तेगबहादुर चौक से तेलीबांधा फ्लाईओवर
- स्वीकृति: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में मंजूरी दी थी।
- लागत: ₹152.34 करोड़
स्थिति: 17 दिसंबर को टेंडर जारी होने के बाद 30 जनवरी को निविदा खोली गई। जीएस एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड ने अनुमानित लागत से 18% कम दर पर सबसे कम बोली (L1) लगाई।
प्रभावित मार्ग: फ्लाईओवर गुरु तेगबहादुर चौक से शुरू होकर तेलीबांधा तालाब के अंतिम छोर (नेताजी सुभाषचंद्र बोस चौक) तक बनेगा। वर्तमान में भगत सिंह चौक से एक्सप्रेस-वे तक महज 300 मीटर के दायरे में तीन ट्रैफिक सिग्नल हैं, जहां सुबह 8 से रात 11 बजे तक लगभग 80,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
केस 2: महादेव घाट ओवरब्रिज (रायपुर-अमलेश्वर मार्ग)
- लागत: ₹17.85 करोड़
- लंबाई व चौड़ाई: 180 मीटर लंबा, 17 मीटर चौड़ा (फोरलेन)
- समय सीमा: कार्य प्रारंभ होने से 18 माह
स्थिति: 13 मार्च को जारी टेंडर प्रक्रिया में अभनपुर की वेदांत कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अनुमानित लागत से 18% अधिक दर पर बोली लगाई। 28 अप्रैल 2026 को चयन प्रक्रिया के बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए भेजी गई, जो पिछले 3 महीनों से लंबित है।
प्रभावित मार्ग: शाम 4 से रात 10 बजे के बीच इस मार्ग पर सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव रहता है।



