ज्योतिष डेस्क: द्रिक पंचांग के अनुसार, आगामी 27 जुलाई को न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव मीन राशि में वक्री यानी उल्टी चाल चलने जा रहे हैं। ज्योतिषशास्त्र में शनि की वक्री स्थिति को बेहद प्रभावकारी माना जाता है। इस दौरान शनि की साढ़ेसाती का सामना कर रहे जातकों को अपने पुराने कर्मों का हिसाब-किताब चुकता करना पड़ता है।
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ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह समय आत्ममंथन, पेंडिंग (अधूरे) कार्यों को निपटाने और विशेष सावधानी बरतने का है। वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है। जानिए वक्री शनि का इन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इन्हें क्या सावधानियां रखनी चाहिए:
राशि अनुसार प्रभाव और सावधानियां
1. मेष राशि (साढ़ेसाती का पहला चरण)
मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। शनि के वक्री होने से मानसिक तनाव और अनचाहे खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है तथा बेवजह की भागदौड़ बनी रहेगी।
सावधानी: बिना जांच-पड़ताल के बड़ा आर्थिक लेन-देन या निवेश न करें। सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
2. कुंभ राशि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण)
कुंभ राशि पर उतरती साढ़ेसाती का अंतिम चरण प्रभाव में है। वक्री शनि आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं, हालांकि पुराने अटके काम पूरे होने के आसार भी बनेंगे।
सावधानी: बिना लिखित दस्तावेज के किसी को भी उधार या कर्ज न दें। अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें और स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें।
3. मीन राशि (साढ़ेसाती का दूसरा और मुख्य चरण)
शनिदेव वर्तमान में मीन राशि में ही विराजमान हैं, इसलिए वक्री चाल का सबसे गहरा असर इसी राशि पर पड़ेगा। कार्यक्षेत्र में मानसिक दबाव और जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। बनते हुए कामों में रुकावट या देरी आ सकती है।
सावधानी: ऑफिस या व्यापार में कागजी काम अधूरा न छोड़ें। वाणी पर संयम रखें और परिवार में बहसबाजी से बचें।
साढ़ेसाती वाले जातक भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां
शॉर्टकट अपनाने से बचें: पैसे या काम के मामले में गलत रास्ते न चुनें, अन्यथा शनि के कड़े दंड का सामना करना पड़ सकता है।
अधीनस्थों का अनादर न करें: अपने मातहत कर्मचारियों, श्रमिकों, असहायों और बुजुर्गों का पूरा सम्मान करें।
लापरवाही न बरतें: पुराने पेंडिंग काम, टैक्स भुगतान या कानूनी दस्तावेजों को समय पर निपटाएं।



