जगदलपुर/बस्तर, 01 जुलाई। Bastar Salary Scam : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पुलिस विभाग के भीतर कथित करीब 2 करोड़ रुपये के सैलरी घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यह अनियमितता लगभग तीन साल तक चलती रही और इसका पर्दाफाश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऑडिट के दौरान हुआ। मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
सैलरी रिकॉर्ड में हेरफेर कर बढ़ाई जाती थी तनख्वाह
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कॉन्स्टेबल गिरीश राय, राजकुमार कटलाम और हेमंत मैथ्यू के रूप में हुई है। गिरीश राय जगदलपुर स्थित पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के सैलरी सेक्शन में सहायक के तौर पर तैनात था। आरोप है कि वह सैलरी बिल प्रोसेस होने से पहले उसकी सॉफ्ट कॉपी में बदलाव कर अपनी और दो अन्य कॉन्स्टेबलों की सैलरी अवैध रूप से बढ़ा देता था।
1.5 से 2 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
बस्तर के एसपी शलभ कुमार सिन्हा के अनुसार, अक्टूबर 2023 से मई 2026 के बीच आरोपियों ने सरकारी खातों से कथित तौर पर करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये की राशि फर्जी तरीके से निकाली। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने सैलरी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने की बात स्वीकार की है।
लोन के नाम पर भी किया खेल
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों की सैलरी लोन दिलाने के बहाने बढ़ाई गई और बाद में अतिरिक्त राशि नकद वापस ली गई। ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनसे भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
AI ऑडिट ने ऐसे पकड़ी गड़बड़ी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लगातार तबादलों, नई पोस्टिंग और कर्मचारियों की संख्या में बदलाव के कारण सैलरी खर्च में उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता था। इसी वजह से कथित गड़बड़ी लंबे समय तक सामने नहीं आई। लेकिन AI आधारित ऑडिट में सैलरी खर्च में असामान्य वृद्धि दर्ज होने पर पेरोल रिकॉर्ड की गहन जांच की गई और पूरा मामला उजागर हो गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सरकारी धन के गबन से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।



