रायपुर। जिले में अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में मंदिर हसौद तहसीलदार विनोद साहू के नेतृत्व में राजस्व एवं प्रशासनिक अमले ने ग्राम उमरिया और बकतरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 13 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों और भू-कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले ग्राम उमरिया में कार्रवाई की। यहां वर्षा सोनकर के नाम दर्ज भूमि के खसरा नंबर 351 और 352 के हिस्से में बिना वैध अनुमति और डायवर्शन के लगभग 7 एकड़ क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। मौके पर पहुंची टीम ने अवैध रूप से निर्मित पहुंच मार्ग, कंक्रीट बाउंड्रीवॉल और मुख्य प्रवेश द्वार को जेसीबी की मदद से हटाकर ध्वस्त कर दिया।
इसके बाद प्रशासनिक अमला ग्राम बकतरा पहुंचा, जहां विवेक चंद्राकर के स्वामित्व वाली भूमि के खसरा नंबर 1054, 1055 और 1077 पर करीब 6 एकड़ क्षेत्र में अवैध कॉलोनी विकसित करने की तैयारी चल रही थी। प्लाटिंग के उद्देश्य से यहां मुरुम और कंक्रीट की सड़कों का निर्माण किया गया था। प्रशासन ने इन अवैध सड़कों को उखाड़कर भूमि को मूल स्वरूप में बहाल कर दिया।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) की स्वीकृति, बिना रेरा पंजीयन और बिना भूमि डायवर्शन के खेती की जमीनों पर प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
तहसीलदार विनोद साहू ने बताया कि उमरिया और बकतरा में कुल 13 एकड़ भूमि पर अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे मामलों की लगातार निगरानी कर रहा है और आने वाले दिनों में भी अवैध कॉलोनियों तथा अनधिकृत निर्माणों पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीदारी से पहले उसके डायवर्शन, स्वीकृत ले-आउट और रेरा पंजीयन की जांच अवश्य करें। बिना वैधानिक दस्तावेजों वाली कॉलोनियों में निवेश करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि ऐसी अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है।



