रायपुर/गुवाहाटी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस की एक टीम को असम के गुवाहाटी में उस समय हिरासत में ले लिया गया जब वे एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वहां पहुंचे थे। इस घटना के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
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जानकारी के अनुसार, टीआई रविंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में चार पुलिसकर्मियों की टीम टिकरापारा थाने में दर्ज करीब 50 लाख रुपये के डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले के आरोपी को पकड़ने गुवाहाटी पहुंची थी।
सोमवार शाम जब रायपुर पुलिस आरोपी के ठिकाने पर पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों और आरोपी पक्ष ने गिरफ्तारी का विरोध शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने रायपुर पुलिस पर जबरन उठाने का आरोप लगाया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। इसी विवाद के बीच गुवाहाटी पुलिस ने रायपुर से गई पूरी टीम को संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे तक पुलिस टीम को रोके रखा गया, जिससे दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे।
घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। बातचीत और समन्वय के बाद स्थिति स्पष्ट हुई और गुवाहाटी पुलिस ने रायपुर टीम को रिहा कर दिया। सूत्रों के अनुसार, रायपुर टीम पर बिना प्रोडक्शन वारंट के आरोपी को सीधे लाने की तैयारी का आरोप भी सामने आया है, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ।
फिलहाल मामला सुलझा लिया गया है और रायपुर पुलिस टीम के वापस लौटने की प्रक्रिया जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस कार्रवाई में प्रक्रियागत समन्वय और अंतरराज्यीय तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



