US Iran Conflict : पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बंद किए जाने के बाद अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर बड़ा सैन्य हमला बोल दिया। अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ इस हफ्ते की यह तीसरी और सबसे बड़ी हवाई कार्रवाई है।
यह भी पढ़े :- नकटी मामले पर झूठ की राजनीति कर रहे मो. अकबर, जनता को गुमराह करने की साजिश सफल नहीं होगी : केदार कश्यप
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, बहरीन सैन्य बेस से दागी गईं मिसाइलों ने ईरान के 7 प्रमुख शहरों में भारी तबाही मचाई है। चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक सहित कई इलाकों में सिलसिलेवार धमाके सुने गए हैं, जिनमें ईरान के कम से कम 12 सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलमार्ग को दोबारा खोलने के लिए ईरान को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसके खत्म होते ही यह कार्रवाई की गई। (US Iran Conflict)
कंटेनर जहाज पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
इस सैन्य टकराव की शुरुआत तब हुई जब ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कमर्शियल कंटेनर जहाज ‘M/V GFS Galaxy’ पर खुलेआम हमला कर दिया। इस हमले में जहाज के इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसमें आग लग गई। CENTCOM के अनुसार, इस हमले के बाद से जहाज का एक क्रू मेंबर (नागरिक) लापता है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ईरान ने गलत फैसला किया है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
ईरान की दोटूक: ‘क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप बंद होने तक बंद रहेगा जलमार्ग’
अमेरिकी हमले से महज कुछ घंटे पहले IRGC ने घोषणा की थी कि अगले आदेश तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा। ईरान का रुख साफ है कि जब तक अमेरिका पश्चिम एशिया में अपना हस्तक्षेप बंद नहीं करता, यह प्रतिबंध जारी रहेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इस बहाने उस पर और हमले किए गए, तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उसके सहयोगियों पर इससे भी भयानक पलटवार करेगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट, कूटनीतिक प्रयास भी तेज
दुनिया के एक-तिहाई तेल टैंकरों के गुजरने वाले इस रूट के बंद होने से वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। युद्ध के इस माहौल के बीच शांति बहाली की कूटनीतिक कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। कतर के प्रतिनिधि मध्यस्थता के लिए तेहरान पहुंचे हैं, वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अलबुसैदी से मस्कट में मुलाकात कर सुरक्षित समुद्री आवाजाही के विकल्पों पर चर्चा की है। हालांकि, जमीन पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। (US Iran Conflict)



