रायपुर। “रायपुर या चाकूपुर” ? राजधानी के हर चौक-चौराहे में सुनने को मिल रहे ताने ” आइये स्वागत है, चाकूबाजों के शहर चाकूपुर में। कारण है हर छोटी बात में चाकूबाजी। क्या बालिग-क्या नाबालिग! लगता है आजकल हर कोई चाकू लेकर ही घर से निकलता है ?
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कल देर रात राजधानी एक बार फिर चाकूबाजी की जघन्य वारदात से दहल उठी है। सोमवार देर रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पंचशील नगर स्थित जोगी मोहल्ला में बदमाशों ने महज 16 वर्षीय नाबालिग कुश बाघ की गर्दन पर चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी। हमले में उसका एक नाबालिग साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच हुई। आक्रोशित परिजनों ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर दिया और जोरदार नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अपराधियों को रोकने में पूरी तरह असफल है।
पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घायल नाबालिग का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब तक 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन पूछताछ अभी जारी है। पुलिस का दावा है कि मामूली विवाद में यह वारदात हुई, लेकिन परिजन और स्थानीय लोग इसे पुलिस की लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं और कहा कि अपराधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। हालांकि सिविल लाइन थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
कमिश्नरी प्रणाली का खोखला दावा
राजधानी में कमिश्नरी प्रणाली लागू किए जाने के बावजूद चाकूबाजी, हत्या और अपराधिक घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है, बल्कि लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि, “कमिश्नरी प्रणाली लगाने के बाद भी राजधानी में रोज हत्या, लूट और चाकूबाजी की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम है। पुलिस वाले ट्रैफिक चालान और वसूली में व्यस्त रहते हैं, अपराधियों पर नियंत्रण खो चुकी है। यह गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के नाक के नीचे हो रही घटनाएं सरकार की पूरी विफलता को उजागर करती हैं।”
जनता में बढ़ता आक्रोश
रायपुर में चाकूबाजी की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। युवा और नाबालिग लगातार हिंसा का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं — आखिर कब तक राजधानी डर के साए में रहेगी?
कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का सरकार का बड़ा दावा धराशायी होता दिख रहा है। मंत्री टंकराम वर्मा के बयान कि “कानून-व्यवस्था मजबूत हो रही है” अब आम जनता को सिर्फ मजाक लग रही हैं।



