नई दिल्ली : में आज प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से एक ऐतिहासिक दिन है। नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने नए ऑफिस परिसर सेवा तीर्थ का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी लोकार्पण किया जाएगा। इस पहल का मकसद केंद्र सरकार के कई अहम मंत्रालयों को एक ही छत के नीचे लाना है, जिससे कामकाज और समन्वय दोनों अधिक प्रभावी हो सकें।
सेवा तीर्थ उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के साथ-साथ फाइनेंस, डिफेंस, हेल्थ और फैमिली वेलफेयर जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय इसी परिसर में काम करेंगे। दारा शिकोह रोड पर स्थित यह आधुनिक परिसर करीब 2.26 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और इसे लगभग ₹1,189 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इमारत को अत्याधुनिक तकनीक और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस किया गया है।
सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एकीकृत किया गया है। पहले ये सभी विभाग अलग-अलग स्थानों पर थे, लेकिन अब इन्हें एक ‘स्मार्ट ऑफिस’ मॉडल के तहत लाया गया है। यहां हाई-स्पीड इंटरनेट, पेपरलेस वर्क कल्चर और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी आज दोपहर करीब 1:30 बजे इसका उद्घाटन करेंगे और शाम 6 बजे परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे। इस मौके पर सेवा तीर्थ बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का औपचारिक नामकरण भी किया जाएगा।
सेवा तीर्थ उद्घाटन की एक और खास बात यह है कि इसके बाद साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को खाली कर उन्हें संग्रहालय में बदलने की योजना है। सेवा तीर्थ को ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटैट असेसमेंट के मानकों पर डिजाइन किया गया है, जिसमें स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, एडवांस्ड मॉनिटरिंग नेटवर्क और ऊर्जा-सक्षम सिस्टम शामिल हैं।



