बीजापुर :- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत दो बड़ी और प्रभावी कार्रवाइयां अंजाम दी हैं। एक ओर सड़क के नीचे छिपाए गए 35 किलोग्राम वजनी आईईडी को समय रहते खोजकर नष्ट कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर कुख्यात नक्सली नेता बसवराजू सहित अन्य नक्सलियों के स्मारकों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
आईईडी नष्ट करने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, मुदरदंडा–तुमनार मार्ग पर पक्की सड़क के नीचे गहरा गड्ढा खोदकर भारी मात्रा में आईईडी प्लांट किया गया था। डिमाइनिंग ऑपरेशन के दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने विस्फोटक का पता लगाया। आईईडी की गहराई और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए इसे मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट से नष्ट कर दिया गया। विस्फोट से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया, जिसे बाद में भरकर यातायात बहाल किया गया।
इसके अलावा गंगालूर थाना क्षेत्र के एफओबी डोडीतुमनार इलाके में सीआरपीएफ 153वीं वाहिनी की टीम ने डिमाइनिंग के दौरान एक प्रेशर आईईडी का पता लगाया और उसे भी सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
नक्सली स्मारकों पर कार्रवाई
कुटरू थाना क्षेत्र में कोबरा 210 वाहिनी ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान माड़ इलाके में इंद्रावती नदी के किनारे नक्सलियों द्वारा बनाए गए कुख्यात नक्सली नेता बसवराजू के स्मारक को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
इसी क्रम में गंगालूर क्षेत्र के तोड़का–कोरचोली और पेद्दाकोरमा के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सीआरपीएफ 222 वाहिनी की टीम ने नक्सलियों के अन्य स्मारकों और प्रतीकों पर भी कार्रवाई की और उन्हें नष्ट कर दिया।
सुरक्षा बलों का कहना है कि इन लगातार कार्रवाइयों से क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों, उनके प्रचार के प्रतीकों और अवैध संरचनाओं के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।




