रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस सहित पूरे देश में संगठन को मजबूत करने की दिशा में पार्टी ने महत्वपूर्ण पहल की है। कांग्रेस ने नव-नियुक्त जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया है। यह प्रशिक्षण 10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में शुरू होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को पार्टी ने संगठन की रीढ़ को मजबूत करने का अहम कदम बताया है। पार्टी का मानना है कि जिलाध्यक्ष मजबूत होंगे तो संगठन स्वतः मजबूत होगा और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।
कांग्रेस द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, प्रशिक्षण दो चरणों में अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। पहले चरण में 10 फरवरी 2026 को एक दिवसीय ओरिएंटेशन और प्रारंभिक प्रशिक्षण होगा। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के इंदिरा भवन, कोटला मार्ग में सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा। इस दौरान राहुल गांधी जिलाध्यक्षों को संबोधित करेंगे और उनके साथ सीधा संवाद भी करेंगे।
प्रशिक्षण में वन-टू-वन चर्चा का भी विशेष प्रावधान रखा गया है। जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों की सामाजिक परिस्थितियों, राजनीतिक चुनौतियों, संगठनात्मक कमजोरियों और आगामी रणनीतियों पर खुलकर विचार साझा कर सकेंगे।
पहले चरण के बाद दूसरे चरण में 10 दिनों का विस्तृत और आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में निम्नलिखित विषयों पर गहन मार्गदर्शन दिया जाएगा:
बूथ स्तर से जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करना
प्रभावी संवाद और मीडिया मैनेजमेंट
सोशल मीडिया कैंपेन और डिजिटल रणनीति
जनता से सीधा जुड़ाव और जन आंदोलन खड़े करना
कार्यकर्ता प्रबंधन और जमीनी मुद्दों पर रणनीति निर्माण
पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण के दौरान सभी जिलाध्यक्षों को निर्धारित स्थल पर ही ठहरना अनिवार्य होगा। कांग्रेस इस प्रशिक्षण को आगामी विधानसभा चुनावों और अन्य राजनीतिक चुनौतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए यह कार्यक्रम संगठन को नई ऊर्जा देने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का अवसर साबित हो सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण के बाद जिलाध्यक्षों से अपेक्षा की जाएगी कि वे अपने क्षेत्रों में तुरंत संगठनात्मक गतिविधियां तेज करें और कार्यकर्ताओं को एकजुट करें।



