रायपुर। अभनपुर क्षेत्र के कई गांवों में सेल्के कंपनी पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध मुरूम उत्खनन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी दो चेन माउंटेन मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर मुरूम की खुदाई कर रही है, जबकि रहवासी क्षेत्रों से ओवरलोड 16 चक्का वाहनों के जरिए इसका परिवहन किया जा रहा है। इससे न केवल गांवों की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम खोला को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क की हालत खराब होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार धूल, कंपन और भारी वाहनों के दबाव के चलते ग्रामीणों में कंपनी के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आरोप है कि ठेलकाबांधा क्षेत्र में कंपनी सरकारी भूमि पर भी बड़े पैमाने पर खुदाई कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह खुदाई की जा रही है, उससे ऐसा प्रतीत होता है मानो जमीन कंपनी की निजी संपत्ति हो। अवैध उत्खनन के कारण गांव की जमीन कई स्थानों पर गहरी खाइयों में बदल चुकी है। बताया जा रहा है कि 25 से 30 फीट तक गहरी खाई बन गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि खनिज विभाग इस पूरे मामले में निष्क्रिय बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि कंपनी को जितनी मात्रा में रॉयल्टी स्वीकृत की गई थी, उससे कई गुना अधिक मुरूम निकाली गई है। ग्रामीणों के अनुसार कंपनी ने लगभग 10 घनमीटर की रॉयल्टी ली है, जबकि 16 चक्का ट्रकों में करीब 40 घनमीटर तक मुरूम का परिवहन किया जा रहा है। इसी तरह ग्राम खोरपा और संकरी क्षेत्र में भी 30 से 40 फीट तक गहराई कर मुरूम निकालने के आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे के रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष माखन ताम्रकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कंपनी के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो एसडीएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने शासकीय चरागाह और अन्य जमीनों को “मौत के कुएं” में तब्दील कर दिया है।
वहीं प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है। एसडीएम रवि सिंह ने कहा कि कई गांवों से कंपनी के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा ली गई रॉयल्टी और वास्तविक खुदाई की मात्रा की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और यदि रॉयल्टी से अधिक मुरूम निकाले जाने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार भरपाई और आगे की कार्रवाई की जाएगी।