एमसीबी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आज सोमवार को मनेन्द्रगढ़ दौरे के दौरान रामभद्राचार्य और धीरेंद्र शास्त्री को लेकर बड़ा बयान दिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वे रामभद्राचार्य को “जगतगुरु” नहीं मानते और चिरमिरी में आयोजित उनकी कथा में शामिल होने भी नहीं जाएंगे।
दरअसल, इन दिनों चिरमिरी में रामभद्राचार्य की कथा चल रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी बीच मनेन्द्रगढ़ पहुंचे चरणदास महंत से पत्रकारों ने कथा आयोजन और उसमें शामिल होने को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका कार्यक्रम में जाने का कोई इरादा नहीं है।
महंत ने कहा, “मैं रामभद्राचार्य को जगतगुरु नहीं मानता। जिस प्रकार से वे भाजपा का प्रचार कर रहे हैं, उससे साफ है कि वे केवल भाजपा के प्रचारक बनकर रह गए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कथावाचक और बाबा धार्मिक मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि “ऐसे बाबा लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। कांग्रेस के किसी भी कार्यकर्ता या नेता को ऐसी जगह नहीं जाना चाहिए।” उनके इस बयान को भाजपा और धार्मिक आयोजनों के संबंधों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा अलग है और उनकी आस्था किसी एक व्यक्ति या मंच तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “हम तो कण-कण में भगवान मानने वाले लोग हैं। हमारे लिए हर जगह भगवान हैं। धर्म को राजनीति से जोड़ना ठीक नहीं है।”
इस दौरान उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। महंत ने कहा कि “धीरेंद्र शास्त्री सहित अन्य सभी बाबा फर्जी हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में धार्मिक आयोजनों और कथाओं में राजनीतिक नेताओं की सक्रिय मौजूदगी देखने को मिल रही है। भाजपा जहां धार्मिक आयोजनों के जरिए जनसंपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस लगातार भाजपा पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाती रही है।
महंत के बयान के बाद भाजपा नेताओं और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजर बनी हुई है।