कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सामने आए 26 हजार क्विंटल धान शॉर्टेज के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तर के प्रबंध संचालक ने 3 फरवरी 2026 को जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया है। निलंबन का मुख्य कारण मीडिया को दिया गया उनका विवादित और भ्रामक बयान बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने धान की कमी का कारण मौसम, चूहों और दीमक को बताया था।
निलंबन आदेश जारी होते ही जिला प्रशासन और सहकारी विभाग में हलचल मच गई है। यह मामला वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान से जुड़ा है, जिसे चारभाठा धान संग्रहण केंद्र में रखा गया था। वर्ष 2026 की नई धान खरीदी से पहले पुराने स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया, तो करीब 26 हजार क्विंटल धान की भारी कमी सामने आई। इस धान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। प्रारंभिक जांच में तत्कालीन केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस और सहकारी विभाग की संयुक्त जांच जारी है।
मीडिया से बातचीत में डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने धान खराब होने का ठीकरा मौसम, चूहों और दीमक पर फोड़ दिया था। उनका यह बयान सोशल मीडिया और प्रदेशभर में तेजी से वायरल हुआ और विपक्षी दलों, किसान संगठनों तथा आम जनता ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और बचाव का प्रयास बताया। कई संगठनों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद राज्य स्तर से निलंबन का फैसला लिया गया।
जिला प्रशासन का कहना है कि धान की कमी की पूरी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में अमानत में खयानत, कूट रचना और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होने की संभावना है।



