पंकज विश्वकर्मा ( समाचार संपादक )
रायपुर। छत्तीसगढ़ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने मार्च 2023 को समाप्त नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट संविधान के अनुच्छेद 151 के तहत रिपोर्ट संख्या 5, 16 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत की गई है।
कैग की आडिट रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस के शासनकाल 2018-23 के दौरान राज्य में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय देरी, कमजोर निगरानी व्यवस्था और उपलब्ध धनराशि के अपर्याप्त उपयोग को भी रेखांकित कर गंभीर त्रुटियां, आपत्तियां और चिंता जताई गई है। ये निष्कर्ष मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए स्मार्ट सिटी मिशन पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज हैं।
भारत सरकार द्वारा जून 2015 में प्रारंभ किए गए स्मार्ट सिटी मिशन के ऑडिट रिपोर्ट में कैग ने बताया कि यह मिशन रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में विशेष प्रयोजन और केन्द्र – राज्य सरकार के माध्यम से लागू किया गया। स्मार्ट सड़कें, भूमिगत विद्युत केबलिंग और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल केंद्र जैसी पहलें किए जाने के बावजूद, परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति धीमी बनी रही।
कैग रिपोर्ट कांग्रेस शासन काल- 2018-23
1 – स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट 9,627.70 करोड़ की स्वीकृत परियोजना लागत के मुकाबले केवल ₹2,644.44 करोड़ के 476 कार्यादेश जारी किए गए, जो कुल अनुमानित लागत का मात्र 27 प्रतिशत।
2 – मार्च 2023 तक इनमें से केवल 62 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो पाए और वास्तविक व्यय ₹1,213.12 करोड़ रहा।
3- नवा रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की निविदाओं में प्रतिबंधात्मक निविदा शर्तों के कारण बोलीदाताओं की भागीदारी कम रही और 84 प्रतिशत कार्य एक ही ठेकेदार को सौंपे गए।
4 – कार्यादेश जारी करने में देरी, स्थल उपलब्ध कराने में विफलता, कार्यक्षेत्र में बार-बार बदलाव और कमजोर अनुबंध प्रबंधन के कारण प्रगति प्रभावित हुई।
5 – परियोजनाएं अपात्र बोलीदाताओं को प्रदान की गईं, कार्य में देरी पर दंड नहीं लगाया गया अथवा कम लगाया गया और बिना निविदा आमंत्रित किए अतिरिक्त कार्य दिए गए।
6 – आवास निगम लिमिटेड ने ₹55 करोड़ की राशि को ऑटो-स्वीप सुविधा के बिना बचत खाते में जमा कर ₹5.32 करोड़ का ब्याज नुकसान उठाया।
राज्य में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नवा रायपुर , रायपुर और बिलासपुर में कुल ₹9,627.70 करोड़ की स्वीकृत परियोजना लागत के मुकाबले 2018 से 2023 के बीच केवल ₹2,644.44 करोड़ के 476 कार्यादेश जारी किए गए, जो कुल अनुमानित लागत का मात्र 27 प्रतिशत है। मार्च 2023 तक इनमें से केवल 62 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो पाए और वास्तविक व्यय ₹1,213.12 करोड़ रहा। जिसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार के फंड में कटौती हुई और राज्य के अंशदान और मिलान अनुदान में भी कमी आई।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भारी गड़बड़ियां भी सामने आई है। कार्यादेश जारी करने में देरी, स्थल उपलब्ध कराने में विफलता, कार्यक्षेत्र में बार-बार बदलाव और कमजोर अनुबंध प्रबंधन के कारण प्रगति बुरी तरह प्रभावित हुई। ऑडिट में यह भी पाया गया कि कुछ परियोजनाएं अपात्र बोलीदाताओं को प्रदान की गईं साथ ही कार्य में देरी पर निर्माण ठेकेदारों पर पेनाल्टी और दंड नहीं लगाया गया। यदि लगाया भी गया तो कम लगाया गया और निर्माण ठेकेदारों को बिना निविदा आमंत्रित किए अतिरिक्त कार्य दिए गए। नवा रायपुर में प्रतिबंधात्मक निविदा शर्तों के कारण बोलीदाताओं की भागीदारी कम रही और 84 प्रतिशत कार्य एक ही ठेकेदार को सौंपे गए।
स्मार्ट सिटी मिशन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दिशा-निर्देशों से अलग फिजूलखर्ची के मामले भी सामने आए, जिनमें गैर-तकनीकी परियोजनाओं पर व्यय और निर्धारित क्षेत्र आधारित विकास से बाहर किए गए कार्य शामिल हैं। निगरानी तंत्र को भी अप्रभावी पाया गया। राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति ने परियोजना प्रस्तावों की स्वीकृति के बाद समीक्षा बैठकें नहीं कीं। स्मार्ट सिटी सलाहकार मंच की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं हुईं, तृतीय-पक्ष निगरानी सुनिश्चित नहीं की गई और किसी भी विशेष प्रयोजन परियोजना में पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई।
ऑडिट में कैग ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास निगम लिमिटेड ने ₹55 करोड़ की राशि को ऑटो-स्वीप सुविधा के बिना बचत खाते में जमा कर ₹5.32 करोड़ का ब्याज नुकसान उठाया। रिपोर्ट में राज्य सरकार को सिफारिश की गई है कि वह स्मार्ट सिटी विशेष प्रयोजन परियोजनाओं में पूर्णकालिक नेतृत्व की नियुक्तियां करें।
कैग रिपोर्ट 3 – छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार 2018-23 के दौरान आवास व कल्याण योजनाओं में गंभीर खामियां-भारी वित्तीय अनियमितताएं-प्रधानमंत्री आवास योजना-स्वीकृत 2.77 लाख मकानों में से 66,383 मकान समर्पित या निरस्त-2.49 लाख सब्सिडी दावों में से केवल 37,374 दावों को स्वीकृति।



