रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अनुपूरक बजट की मांगों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने एक-दूसरे के आरोपों का जवाब देते हुए सरकार की नीतियों और बजट की दिशा पर सवाल-जवाब किए।
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सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व व्यय बढ़ाने की शुरुआत पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने की थी और कांग्रेस ने धान खरीदी को राजनीतिक विषय बना दिया। चंद्राकर ने कहा कि राज्य में नए क्षेत्रों में रोजगार सृजन की दिशा में काम करने की जरूरत है और ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनसे छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का सीधा हित जुड़ा हो।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की आवश्यकता बताते हुए सुझाव दिया कि दिल्ली में विभिन्न देशों के दूतावासों के अधिकारियों को राज्य की संस्कृति और पर्यटन से परिचित कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग भी की।
कृषि क्षेत्र पर जोर देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि कृषि आज भी रोजगार का सबसे मजबूत आधार है, लेकिन राज्य के कृषि अनुसंधान केंद्रों को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं, जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों की अवधारणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की देन है, जिससे कुटीर और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा मिला और महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुईं। चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ की 42 प्रतिशत से अधिक आबादी एससी-एसटी वर्ग की है और वर्तमान सरकार उनके हित में लगातार बेहतर कार्य कर रही है।
वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार कर्ज में डूबता जा रहा है और ऐसे में वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन महीनों में 35 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट की मांग समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इस अनुपूरक बजट में कोई स्पष्ट दिशा या विजन नजर नहीं आता।
महिलाओं के मुद्दे पर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली बिल के रूप में उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों की बजाय इवेंट मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रही है—कार्यक्रम ज्यादा हो रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम कम दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि अनुपूरक बजट में नए पदों पर भर्ती, अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण और किसानों से जुड़े वादों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 5 प्रतिशत किसानों का अब तक पंजीयन नहीं हो पाया है और कई किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। गिरदावरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य अनुभवहीन कर्मचारियों से कराए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि सड़क, धान, आदिवासी, किसान, युवा और महिलाओं के विकास के लिए सरकार को स्पष्ट लक्ष्य तय कर काम करना होगा।



