रायपुर। नगर निगम जोन-9 के अंतर्गत पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड क्षेत्र की कचना स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में लंबे समय से जारी लचर सफाई व्यवस्था पर निगम ने कड़ा कदम उठाया है। सफाई में घोर लापरवाही पाए जाने पर अनुबंधित सफाई एजेंसी स्वच्छ संकल्प का ठेका निरस्त कर दिया गया है।
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जोन कमिश्नर अंशुल शर्मा ने बताया कि कॉलोनी में पिछले एक महीने से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। लगातार शिकायतों और निरीक्षण के बाद एजेंसी संचालक वीणा सेंद्रे को तीन बार नोटिस जारी कर सुधार का अंतिम अवसर दिया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
करीब 1500 परिवारों वाली इस बीएसयूपी कॉलोनी में घरों से निकलने वाला कचरा और नालियों की सफाई से निकला कचरा महीनों तक नहीं उठाया जा रहा था। वस्तुस्थिति से निगम आयुक्त विश्वदीप को अवगत कराया गया।
15 दिसंबर को आयुक्त का औचक निरीक्षण
15 दिसंबर को निगम आयुक्त विश्वदीप ने अधिकारियों के साथ स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात देखे। निरीक्षण के बाद उन्होंने सफाई एजेंसी का ठेका निरस्त करने और अमानती राशि राजसात करने के निर्देश दिए। साथ ही सोकरा नाला के आसपास हुए कब्जों की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश भी जोन कमिश्नर को दिया गया।
15 की जगह 5–8 कर्मचारी, नियमों की खुली अनदेखी
जोन कमिश्नर ने बताया कि अनुबंध के अनुसार 15 सफाई कामगारों की तैनाती होनी थी, लेकिन औचक निरीक्षण में कभी 5 तो कभी 8 कर्मचारी ही कार्य करते पाए गए। इसकी विस्तृत रिपोर्ट आयुक्त को भेजी गई, जिसके बाद ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
मोवा–सड्डू की बीएसयूपी कॉलोनियां भी रडार पर
जोन कमिश्नर शर्मा ने बताया कि मोवा और सड्डू क्षेत्र की बीएसयूपी कॉलोनियों में भी सफाई व्यवस्था की जांच कराई जाएगी। सड्डू क्षेत्र के खालबाड़ा सहित अन्य झुग्गी बस्तियों से विस्थापित परिवार यहां रह रहे हैं, जहां से अब सफाई संबंधी शिकायतें मिलने लगी हैं।



