CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान मुरासु का असर दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर संभाग तक मौसम का मिजाज बदल गया है। मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और शाम होते ही कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। बस्तर में भी रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। अचानक बदले मौसम ने त्योहारी सीजन की खरीदारी को प्रभावित किया, वहीं कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मौसम विभाग ने 4 नवंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि संभावित झोंकों को लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की चेतावनी दी गई है। (CG Weather Alert)
रायपुर में तेज बारिश से बदला मौसम, खरीदारी प्रभावित
राजधानी रायपुर में मंगलवार शाम को तेज बारिश हुई। दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद हुई झमाझम बारिश से बाजारों में त्योहारी खरीदारी करने पहुंचे लोगों को परेशानी हुई। कई रास्तों पर पानी भरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ।
हालांकि बारिश से गर्मी और उमस से लोगों को कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को रायपुर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
रायपुर में 30.2 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान रायपुर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मुरासु तूफान कमजोर होगा, फिर भी छत्तीसगढ़ में दिखेगा असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना प्रचंड चक्रवाती तूफान मुरासु उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 नवंबर 2026 की दोपहर तक इसके कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और आधी रात तक गहन अवदाब में तब्दील होने की संभावना जताई गई थी।
हालांकि तूफान की तीव्रता कम होने के बावजूद इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ सकता है। खासकर रायपुर और बस्तर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में इसका असर अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिल सकता है।
4 नवंबर को भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार 4 नवंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। वहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। (CG Weather Alert)
बस्तर संभाग और आसपास के दक्षिणी इलाकों में बारिश का प्रभाव ज्यादा रह सकता है। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से होने वाली बारिश और तेज हवाएं जनजीवन के साथ कृषि गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में किसानों को कटी हुई फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने की जरूरत है। वहीं आम लोगों को बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।




