जगदलपुर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी पर सियासी विवाद तेज हो गया है। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने खड़गे के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे कांग्रेस की संकीर्ण राजनीतिक सोच और गिरते राजनीतिक स्तर का उदाहरण बताया है।
सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और राजनीतिक फैसलों का विरोध करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों तक ले जाना स्वीकार्य नहीं है।
‘राजनीतिक विरोध अपनी जगह, परिवार को निशाना बनाना गलत’
महेश कश्यप ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं और सरकार की आलोचना भी होनी चाहिए, लेकिन किसी नेता के दिवंगत परिजन को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे नेता से सार्वजनिक जीवन में संयम, शालीनता और जिम्मेदारी की अपेक्षा रहती है। उनके मुताबिक, शीर्ष नेताओं की भाषा और आचरण का सीधा असर राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर पड़ता है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रसंगों का भी किया जिक्र
सांसद कश्यप ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए हाल के कुछ विवादित प्रसंगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े एक कथित घटनाक्रम और प्रियंका गांधी वाड्रा से जुड़े महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित व्यवहार का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस नेतृत्व सार्वजनिक जीवन में अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को किस तरह की राजनीतिक संस्कृति का संदेश दे रहा है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में पद और प्रतिष्ठा के साथ शालीनता, अनुशासन और दूसरों के प्रति सम्मान भी जरूरी है।
‘जनहित के मुद्दों पर हो सकारात्मक बहस’
भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के मुद्दों पर राजनीति कर रही है। वहीं, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की व्यक्तिगत टिप्पणियां जनता के सामने उसकी राजनीतिक संस्कृति को लेकर सवाल खड़े करती हैं।
कश्यप ने कांग्रेस से व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और अमर्यादित भाषा से बचते हुए जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक बहस करने की अपील की।
‘मोदी के पिता पर टिप्पणी भारतीय संस्कृति के भी खिलाफ’
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन देश सेवा और करोड़ों लोगों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों की राजनीतिक आलोचना की जा सकती है, लेकिन उनके दिवंगत पिता को लेकर टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति और पारिवारिक सम्मान की भावना के भी विपरीत है।
महेश कश्यप ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने नेताओं के सार्वजनिक बयानों और आचरण में मर्यादा तथा जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक संवाद का स्तर बना रहे।




