दंतेवाड़ा। दशकों से कथित तौर पर लाल पानी की समस्या झेल रहे आयरन हिल के नीचे बसे गांवों के ग्रामीण शुक्रवार को बोतल में लाल पानी लेकर दंतेवाड़ा कलेक्टोरेट पहुंचे। ग्रामीणों ने खनन गतिविधियों से निकलने वाले लाल पानी और आयरन ओर डस्ट से खेतों और जलस्रोतों के प्रभावित होने की शिकायत की।
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बताया गया कि बीजापुर जिले के गमपुर, डोडी तुमनार, तामोड़ी, पुरंगेल समेत करीब आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण बचेली और किरंदुल क्षेत्र में एनएमडीसी की खनन गतिविधियों से निकलने वाले लाल पानी का नमूना लेकर पहुंचे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि आयरन ओर की धूल और खनन से निकलने वाला पानी बहकर उनके गांवों और खेतों तक पहुंचता है। इससे खेतों में लाल मिट्टी और खनिजयुक्त गाद जमा हो रही है, जिसके कारण खेती करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, मवेशी भी इस पानी के संपर्क में आते हैं।
पीने के पानी की भी समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई परिवार नालों के किनारे बनाए गए अस्थायी कुओं से पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। उनका दावा है कि इस पानी के इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
ग्रामीण कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्या और लाल पानी का नमूना दिखाना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद मायूस होकर ग्रामीण वापस गांव लौट गए।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर उन्हें प्रदूषण और बर्बादी मिली है। उनका आरोप है कि खेत प्रभावित होने के साथ गांवों में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने लाल पानी की समस्या का स्थायी समाधान, स्वच्छ पेयजल और प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।




