बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ में बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सरकारी सेवा में होने के बावजूद कई महिला शिक्षकों और बाबुओं के परिजनों द्वारा योजना की राशि उठाने का खुलासा हुआ है। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए वसूली (रिकवरी) की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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शासकीय नियमों के मुताबिक, सरकारी सेवक या उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर बिल्हा ब्लॉक के शिक्षा विभाग में कार्यरत 11 कर्मियों ने योजना का लाभ लिया।
जांच में 11 अपात्र हितग्राही चिन्हित
एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिल्हा की जांच रिपोर्ट के बाद विभाग ने अपात्र शासकीय सेवकों की सूची बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) को भेज दी है। जांच में पाया गया कि ये महिलाएं स्वयं या उनके पति शिक्षक वर्ग-2, सहायक शिक्षक व अन्य सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। इनके खातों में गलत तरीके से ट्रांसफर की गई कुल 1,24,000 रुपये की राशि अब उनके वेतन से काटी जाएगी।
चिन्हित अपात्र हितग्राहियों की सूची:
- रत्ना क्षत्री (पति: विनोद कुमार क्षत्री, शासकीय सेवक ग्रेड-2)
- गंगा बाई (पति: केसर सिंह, शासकीय सेवक ग्रेड-2)
- रमा वर्मा (पति: रवींद्र वर्मा, शिक्षक वर्ग-2)
- दिनेश्वरी कुर्रे (पति: शैलेश कुमार कुर्रे, शिक्षक वर्ग-2)
- कुसुम यादव (पति: राजकुमार यादव, शिक्षा कर्मी)
- गोदावरी कौशिक (पति: सुरेश कौशिक, शासकीय शिक्षक)
- रामेश्वरी साहू (पति: राजेश साहू, शासकीय सेवक ग्रेड-2)
- कीर्ति पाटले (पति: संतोष पाटले, शासकीय सेवक ग्रेड-1)
- सविता कुर्रे (पति: गोरेलाल कुर्रे, सहायक शिक्षक)
- अमर ज्योति शांडिल्य (पति: विनोद कुमार, सहायक शिक्षक)
- लक्ष्मी (पति: परविंदर कुमार, शासकीय शिक्षक)
प्रशासन द्वारा बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित कर्मचारियों के वेतन से इस राशि की कटौती कर सरकारी खजाने में जमा कराई जाए।




