रायपुर। छत्तीसगढ़ में तिरंगा यात्रा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की तिरंगा यात्रा को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा और आरएसएस के राष्ट्रवाद के दावों पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘छद्म राष्ट्रवाद’ करार दिया।
भूपेश बघेल ने कहा कि 52 वर्षों तक आरएसएस के कार्यालय में तिरंगा झंडा नहीं फहराया गया और अब छत्तीसगढ़ में भाजपा की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जो कहती है, उसके विपरीत काम करती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को नहीं बिकने देने की बात कही थी, लेकिन आज देश की संपत्तियों को बेचे जाने का आरोप लगाया जा रहा है। बघेल ने इसे भाजपा की राजनीति का विरोधाभास बताते हुए कहा कि राष्ट्रवाद के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है।
धार्मिक मुद्दे पर भी बघेल ने भाजपा को घेरा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “राम नाम जपना, पराया माल अपना” और आरोप लगाया कि अब राम के नाम से जुड़ी संपत्तियों को लेकर भी राजनीति की जा रही है।
कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाओं को लेकर स्थिति चिंताजनक है। बघेल ने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर कई हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं और एक ही युवती से दो बार गैंगरेप जैसी घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने गृह मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और कानून व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान देने के बजाय उनका ध्यान पंचायत से जुड़े मामलों पर है। बघेल ने सरकार से कानून व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
गांवों में टैक्स और आत्मानंद स्कूलों का मुद्दा
भूपेश बघेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स वसूली के कथित फैसले को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गांवों में अब टैक्स लेने का फरमान जारी किया गया है। बघेल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जनता को एक हजार रुपये देने के बाद अब अलग-अलग माध्यमों से उसकी वसूली की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों में फीस लिए जाने का आरोप लगाते हुए भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों को बेहतर और सस्ती शिक्षा के उद्देश्य से शुरू किया गया था, वहां अब विद्यार्थियों से फीस लेने की स्थिति सामने आ रही है।



