मुंगेली। पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से 26 लाख 87 हजार रुपये के अनधिकृत लेन-देन के मामले में मुंगेली पुलिस ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में पदस्थ रहे बैंक लिपिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान टिकेश कुमार (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 23 सितंबर को गिरफ्तार कर 24 सितंबर को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
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पुलिस के मुताबिक, मामले में सिटी कोतवाली मुंगेली में अपराध क्रमांक 253/2026 के तहत BNS की धारा 318(4) और 316(5) में प्रकरण दर्ज किया गया है। कलेक्टर के आदेश के बाद शासकीय खाते में हुए संदिग्ध लेन-देन की जांच शुरू की गई थी।
7 बार हुआ लेन-देन
जांच के दौरान सामने आया कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच शासकीय खाते से कुल सात बार अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए। पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर को खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में 9.19 लाख और 9.18 लाख रुपये, यानी कुल 26.87 लाख रुपये का अंतरण किया गया।
पुलिस के अनुसार, इसमें से 1 लाख 61 हजार 500 रुपये की अतिरिक्त राशि बाद में शासन के खाते में वापस जमा हुई।
बैंकिंग जिम्मेदारियों से जुड़ा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, टिकेश कुमार 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में लिपिक के पद पर पदस्थ था। उसे ग्राहक KYC, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन और NEFT/RTGS समेत राशि अंतरण से जुड़े बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि बैंक मैनेजर के निर्देश पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के बंद शासकीय खाते को दोबारा सक्रिय कराया गया था। इसके बाद इसी खाते से संदिग्ध लेन-देन किए जाने की बात सामने आई।
बैंक रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि राशि का ट्रांसफर बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद CBS प्रणाली के माध्यम से किया गया था। पुलिस ने आरोपी के बयान के साथ बैंकिंग दस्तावेज, CBS रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन से जुड़े अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया सामने आने के बाद धारा 316(5) BNS भी जोड़ी गई।
एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला और SDOP आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में विवेचना अभी जारी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




