जगदलपुर। बस्तर जिले के बहुचर्चित जीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की सुनवाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। लंबे समय से न्यायालय में चल रहे इस बहुचर्चित प्रकरण में 10 अगस्त को अंतिम बहस होगी। इसके बाद न्यायालय फैसला सुरक्षित रख सकता है या निर्णय की तारीख घोषित कर सकता है।
यह भी पढ़े :- पुलिस ने नाकाम की कल्याण ज्वेलर्स में डकैती की साजिश, हथियारों के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चल रहा है। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में सुनवाई जारी है। अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं। गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अब मामला अंतिम बहस के चरण में पहुंच चुका है।
10 अगस्त को होने वाली सुनवाई में अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने अंतिम तर्क अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इस दौरान यह स्पष्ट होगा कि किन आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं और किसे राहत मिलती है।
जीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में शामिल है। इस प्रकरण की सुनवाई पर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश की नजर बनी हुई है। शासन की ओर से इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही पैरवी कर रहे हैं।
अब 10 अगस्त की अंतिम बहस के बाद आने वाला न्यायालय का फैसला वर्षों पुराने इस चर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।



