सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की जैसीनगर थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर लाखों रुपये और जेवरात ऐंठने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह की मुख्य आरोपी (लुटेरी दुल्हन) सहित कुल तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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अलग-अलग राज्यों से जुड़ा है गिरोह का जाल
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- रुक्मणी चतुर्वेदी (मुख्य आरोपी/दुल्हन): निवासी बिलासपुर, छत्तीसगढ़
- अरविंद विभार (मुख्य सहयोगी): निवासी अलवर, राजस्थान
- सोनू अहिरवार (कार चालक): निवासी दमोह, मध्य प्रदेश
यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में नेटवर्क बनाकर ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जो किसी कारणवश शादी के लिए परेशान रहते थे।
शादी के महज तीन दिन बाद जेवर व नकदी लेकर फरार
मामले का खुलासा महुआखेड़ा पेगवार निवासी पीड़ित नोनीराम पटेल की शिकायत के बाद हुआ। पहली पत्नी के निधन के बाद घर बसाने की चाह में नोनीराम ने बिचौलियों के इस गिरोह से संपर्क किया था। गिरोह ने शादी तय कराने के एवज में 1.20 लाख रुपये ऐंठ लिए और रुक्मणी चतुर्वेदी से उसकी शादी करा दी।
शादी के तीसरे ही दिन दुल्हन घर में रखे 30 हजार रुपये नकद, चांदी के कीमती जेवर और सोने का मंगलसूत्र लेकर चंपत हो गई।
बिलासपुर में दबिश देकर पुलिस ने दबोचा
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने जैसीनगर थाने में मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दबिश देकर आरोपी रुक्मणी चतुर्वेदी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम उगले, जिसके आधार पर राजस्थान से अरविंद और दमोह से सोनू अहिरवार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।



