कोंडागांव। बारिश के मौसम में जंगल से मिलने वाले देशी मशरूम, जिसे स्थानीय भाषा में ‘फूटू’ कहा जाता है, का स्वाद एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। कोंडागांव जिले के पलारी गांव में फूटू की सब्जी खाने के कुछ ही घंटों बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ितों में दो बच्चे, तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। परिवार ने यही सब्जी अपने पड़ोसी को भी खाने के लिए दी थी। सब्जी खाने के बाद पड़ोसी परिवार के कुछ सदस्य भी फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गए, जिन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना कोंडागांव जिले के पलारी गांव की है। रविवार को एक परिवार जंगल से लाए गए देशी मशरूम (फूटू) की सब्जी बनाकर भोजन किया। भोजन करने के कुछ घंटे बाद परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर सभी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों के अनुसार, परिवार द्वारा पड़ोसियों को भी यही सब्जी खिलाई गई थी। इसके बाद पड़ोसी परिवार के कुछ लोग भी फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। फिलहाल सभी मरीज डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
बारिश के मौसम में बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में जंगल से मिलने वाले मशरूम की सभी प्रजातियां खाने योग्य नहीं होतीं। जहरीले मशरूम की पहचान करना सामान्य लोगों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में बिना विशेषज्ञ जानकारी के जंगली मशरूम का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग समेत गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।



