रायपुर। चौकी सिलयारी क्षेत्र में दर्ज नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। दुष्कर्म की घटना की जांच करते-करते पुलिस ऐसे गिरोह तक पहुंची, जिसने कथित तौर पर मामले को सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपियों और उनके परिजनों से अवैध वसूली की साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मूल दुष्कर्म प्रकरण की जांच के दौरान यह जानकारी मिली थी कि कुछ लोग मामले का फायदा उठाकर आरोपी पक्ष को ब्लैकमेल कर रहे हैं। पहले ही इस मामले में दुष्कर्म के दो आरोपियों के अलावा अवैध वसूली और साजिश में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब विवेचना के दौरान मिले नए साक्ष्यों के आधार पर दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दुष्कर्म मामले को लेकर आरोपी पक्ष और उनके परिवार के सदस्यों पर लगातार दबाव बनाया। उन्हें यह कहकर डराया गया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो मामले को व्यापक स्तर पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा और उन्हें जेल भिजवाने की कार्रवाई कराई जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सूरज सिंह ठाकुर और मोहम्मद उस्मान सैफी शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से आरोपी परिवार से संपर्क किया और मामले को दबाने के नाम पर धन उगाही का प्रयास किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई बार संबंधित परिवार के घर पहुंचे थे और लगातार फोन के माध्यम से संपर्क बनाए हुए थे।
विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि आरोपियों ने आरोपी पक्ष से नकद राशि के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से भी पैसे प्राप्त किए। जांच एजेंसियों ने कॉल डिटेल, डिजिटल लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पुष्टि की है।
पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को मोहम्मद उस्मान सैफी अपने वाहन से अन्य साथियों के साथ आरोपी पक्ष के घर पहुंचा था। वहां कथित रूप से परिवार को भयभीत कर आर्थिक लेनदेन के लिए दबाव बनाया गया। बाद में सौदेबाजी के बाद रकम लेने के भी साक्ष्य मिले हैं।
मामले में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं जोड़ते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल दुष्कर्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग के संगठित प्रयास भी सामने आए हैं। जांच अभी जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



