कांकेर, 18 मई। PWD Dispute : जिले के भानुप्रतापपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े करोड़ों रुपये के भुगतान विवाद ने तूल पकड़ लिया है। अंतागढ़-नारायणपुर सड़क निर्माण कार्य से जुड़े भुगतान को लेकर ठेकेदार कंपनी और विभागीय कर्मचारियों के बीच विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। मामले में एक ओर जहां विभागीय लेखापाल ने मारपीट और धमकी का आरोप लगाया है, वहीं निर्माण कंपनी ने कमीशन मांगने और भुगतान रोकने की शिकायत दर्ज कराई है।
4.65 करोड़ रुपये के भुगतान पर विवाद
जानकारी के मुताबिक, अंतागढ़ से नारायणपुर तक सड़क निर्माण कार्य कर रही KLA कंपनी ने PWD संभाग भानुप्रतापपुर में पदस्थ संभागीय लेखापाल सूरज कुमार पर करीब 10 लाख रुपये कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। कंपनी संचालक पवन अग्रवाल ने SDOP कार्यालय में शिकायत देकर कहा है कि लगभग 4 करोड़ 65 लाख रुपये का भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा है।
कंपनी का आरोप है कि भुगतान प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखकर दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले ने विभागीय भुगतान प्रणाली और निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
लेखापाल ने ठेकेदार पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी तरफ PWD के संभागीय लेखापाल सूरज कुमार ने भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए ठेकेदार पक्ष पर घर में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
सूरज कुमार के अनुसार, 7 मई 2026 को कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप कुमार वर्मा भुगतान संबंधी चर्चा के लिए उनके कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि संबंधित भुगतान फाइल पहले ही कार्यपालन अभियंता के पास भेजी जा चुकी है और अंतिम स्वीकृति उनके स्तर पर होना है।
शिकायत में कहा गया है कि दोपहर में कंपनी से जुड़े नवीन अग्रवाल उनके घर पहुंचे और भुगतान को लेकर नाराजगी जताते हुए कथित रूप से धक्का-मुक्की और मारपीट की। लेखापाल ने आरोप लगाया कि उन्हें क्षेत्रीय टिप्पणी करते हुए धमकियां भी दी गईं।
CCTV फुटेज पुलिस को सौंपा गया
लेखापाल का दावा है कि पूरी घटना उनके घर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने फुटेज की पेन ड्राइव और विभागीय नोटशीट की प्रतियां पुलिस को सौंप दी हैं। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब CCTV फुटेज, विभागीय दस्तावेज और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।
भ्रष्टाचार और भुगतान प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी निर्माण कार्यों (PWD Dispute) में भुगतान प्रक्रिया, कथित कमीशनखोरी और विभागीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर टिकी है कि जांच केवल मारपीट तक सीमित रहती है या फिर करोड़ों रुपये के भुगतान और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होती है।