जेलर ने किया सस्पेंड
मामले की पुष्टि करते हुए जेलर संजय खैरवार ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है। जेल सुपरिटेंडेंट ने तत्काल प्रभाव से प्रहरी संतोष तिवारी को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय अंबिकापुर केंद्रीय जेल तय किया गया है।धमकी और लालच देने के भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि प्रहरी ने पैसे नहीं देने पर जेल में बंद आरोपियों को प्रताड़ित करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, उसने यह लालच भी दिया कि वह केस के गवाहों को प्रभावित करवा सकता है, जिससे आरोपियों को राहत मिल सके। इस खुलासे ने जेल प्रशासन और न्याय व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।तीन आरोपियों के परिवारों से हुई वसूली
पूरा मामला पिछले साल गणेश चतुर्थी के दौरान हुई चाकूबाजी की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। इस मामले में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से 7 को सबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया था। तीन मुख्य आरोपी अब भी हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। इन्हीं आरोपियों के परिजनों से कथित तौर पर वसूली की गई थी।सारंगढ़ जेल मामला भी पहुंचा था हाईकोर्ट
इससे पहले सारंगढ़ उप जेल में भी कैदियों से ऑनलाइन अवैध उगाही और मारपीट का मामला सामने आया था। मामला बिलासपुर उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने जेल कर्मियों की भूमिका पर सख्त नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए थे। याचिकाकर्ताओं ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया था कि जांच जारी है।विभागीय जांच शुरू
जेल प्रशासन ने अब पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। परिजनों और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि इस कथित उगाही रैकेट में और कौन-कौन शामिल था।

