कोरिया। जिले के बैकुंठपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सरईगहना के कोरवापारा में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर समस्या बना हुआ है। यहां रहने वाले संरक्षित जनजाति कोरवा के 13 परिवार लंबे समय से शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं।
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गांव में स्थापित एकमात्र हैंडपंप से पीने योग्य पानी नहीं निकलता, बल्कि लाल रंग का पानी आता है, जिसे उपयोग के लायक नहीं माना जाता। इसके चलते ग्रामीणों को मजबूरी में करीब आधा किलोमीटर से अधिक दूर पहाड़ी पार कर गेज नदी के किनारे बने एक पोखर से पानी लाना पड़ता है।
ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे रोजाना सुबह से ही पानी की इस जद्दोजहद में जुट जाते हैं। पानी को पहले कपड़े से छाना जाता है और फिर सिर पर ढोकर घर तक लाया जाता है। यह प्रक्रिया रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार शिकायतें और गुहार लगाने के बावजूद गांव में न तो स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो पाई है और न ही जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन पहुंच सका है।
झोपड़ीनुमा घरों में रहने वाले कोरवा परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी जरूरतें पूरी न होने से उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है।
अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द यहां स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था करे, ताकि उन्हें इस रोजाना के संघर्ष से राहत मिल सके।




