रायपुर। जिले में 50 लाख रुपये गबन मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। ड्राइवर कृष्णा साहू द्वारा की गई इस बड़ी धोखाधड़ी में बिरगांव नगर निगम के पार्षद ओम प्रकाश साहू की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
पार्षद की भूमिका आई सामने
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी कृष्णा साहू ने गबन की रकम को छिपाने और ठिकाने लगाने में अपने रिश्तेदारों और परिचितों की मदद ली। इसी कड़ी में पार्षद ओम प्रकाश साहू का नाम भी सामने आया, जिन पर रकम छिपाने में सहयोग करने का आरोप है।
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पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए ओम प्रकाश साहू को गिरफ्तार कर लिया है।
आपराधिक मामला बना राजनीतिक मुद्दा
इस गिरफ्तारी के बाद मामला अब सियासी रंग ले चुका है। कांग्रेस संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पार्षद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पार्टी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पहले ही 7 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी कृष्णा साहू समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों के पास से करीब 49.50 लाख रुपये नकद और दो कारें भी बरामद की गई हैं।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गबन की रकम और किन-किन लोगों तक पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।



