रायपुर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमा गई है. भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए अमित शाह पर दोहरे मापदंड और पद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया है. बघेल ने कहा कि सत्ता में रहते हुए अमित शाह कुछ और बोलते थे, अब सत्ता बदलते ही उनकी भाषा और रुख दोनों बदल गए हैं.बघेल ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अमित शाह तब झूठ बोल रहे थे या अब राजनीति के चलते सच से मुंह मोड़ रहे हैं? देश के गृह मंत्री जैसे गरिमामय पद पर बैठकर इस तरह के दोहरे बयान देना पद की मर्यादा को गिराना है.
साल 2022 में तारीफ, 2026 में आरोप, सच कौन सा- भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में खुद अमित शाह ने सार्वजनिक मंचों और मीडिया के सामने छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति की तारीफ की थी.उन्होंने कहा कि 23 अगस्त 2022 को अखबारों और टीवी चैनलों में अमित शाह का बयान प्रकाशित हुआ था, जिसमें उन्होंने माना था कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खिलाफ अच्छा काम कर रही है.बघेल ने सवाल उठाया कि तब अमित शाह सही थे या आज?
सरकारी आंकड़ों के जाल में फंसे गृह मंत्री
भूपेश बघेल ने अमित शाह को उनके ही मंत्रालय के रिकॉर्ड के जरिए घेरा. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिसंबर 2022 में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में स्वीकार किया था कि 2018 की तुलना में 2022 तक छत्तीसगढ़ में नक्सली वारदातों में 36% और मौतों में 60% की भारी कमी आई है. बघेल ने आरोप लगाया कि जब केंद्र सरकार के अपने आंकड़े हमारी सफलता की गवाही दे रहे थे, तो आज शाह किस आधार पर हमारी रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं? उन्होंने कहा कि शाह शायद भूल गए हैं कि उनके ही विभाग ने छत्तीसगढ़ के ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ के मॉडल पर मुहर लगाई थी.
नक्सलवाद पर शाह के ‘रोडमैप’ को बताया पुरानी नकल
शाह द्वारा बस्तर के लिए जारी किए गए नए रोडमैप को बघेल ने पूरी तरह से कॉपी-पेस्ट करार दिया. बघेल ने खुलासा किया कि शाह जब सुकमा के कैंप में रुके थे, तब उन्होंने अपनी आंखों से वहां स्कूलों का संचालन और राशन दुकानों की व्यवस्था देखी थी. हमारी सरकार ने पहले ही अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में पुल बनाए, 300 से ज्यादा स्कूल खोले और 67 वनोपजों की खरीदी शुरू की थी. बघेल ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो काम हम सालों पहले जमीन पर कर चुके हैं, अमित शाह आज उसका रोडमैप बनाने का नाटक कर रहे हैं. यह बस्तर की जनता को गुमराह करने के अलावा और कुछ नहीं है.
सहकारिता मंत्री के रूप में शाह की विफलता पर घेराव
बघेल ने अमित शाह को उनके सहकारिता मंत्रालय के जरिए घेरते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ में सहकारिता ढांचे को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार ने राज्य में ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा है, ऐसे में सोसायटियां किसानों से कर्ज की वसूली कैसे करेंगी? एक तरफ शाह सहकारिता की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और दूसरी तरफ उनकी पार्टी की राज्य सरकार किसानों की कमर तोड़ रही है. बघेल ने सीधे तौर पर शाह से जवाब मांगा कि क्या उनके पास छत्तीसगढ़ के उन किसानों के लिए कोई योजना है जिन्हें उनकी सरकार ने अधर में छोड़ दिया है?
पूर्व कांग्रेस सरकार ने माओवादी आतंक को दिया था संरक्षण : अमित शाह
इससे पहले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर में ऑर्गनाइजर के कॉनक्लेव में कहा था कि ‘मैं भूपेश बघेल के समय भी केंद्रीय गृह मंत्री रहा था. मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि बघेल जी की सरकार ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया था. मैं समझ नहीं पाता हूं कि कैसे कोई शासन किसी हथियारबंद समूह को प्रश्रय दे सकती है.


