रिपोर्ट- नसीम खान
रायपुर/सरगुजा। SECL के अमेरा ओपनकास्ट कोल माइंस के विस्तार को लेकर आज बुधवार को प्रशासनिक टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हिंसक हो गया। भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच जमकर पत्थरबाजी और मारपीट हुई। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

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इस संघर्ष में ASP अमोलक सिंह, SDOP ग्रामीण, धौरपुर थाना प्रभारी अश्वनी सिंह सहित 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं 12 से अधिक ग्रामीणों को भी चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी अश्वनी सिंह को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात अब भी तनावपूर्ण बने हैं।

पथराव, गुलेल से हमला; जवाब में पुलिस का लाठीचार्ज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आज बुधवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी लगभग 500 पुलिस बल के साथ अधिग्रहित भूमि पर कब्जा दिलाने पहुंचे थे। इसी दौरान आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरों एवं गुलेल से हमला कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का उपयोग कर भीड़ को खदेड़ा। ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों दोनों ने एक-दूसरे पर पहले पथराव शुरू करने का आरोप लगाया है।

2001 में अधिग्रहण, 19% को ही मिला मुआवजा
सूत्रों के अनुसार, परसोढ़ी गांव की जमीनें वर्ष 2001 में अधिग्रहित की गई थीं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सिर्फ 19% किसानों को ही मुआवजा मिला है और रोजगार देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ। तीन माह पहले भी अधिग्रहित भूमि पर बुलडोजर चलाया गया था, जिसके बाद ग्रामीण लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

हमारी जमीन हम नहीं देंगे- ग्रामीण
ग्रामीण लीलावती ने कहा- “हम परसोढ़ी गांव की जमीन कंपनी को नहीं देना चाहते। हमारे पूर्वजों की जमीन है। हम कहां जाएंगे? हमारे बेटे और नाती भीख नहीं मांगेंगे। हमारी जमीन हम किसी कीमत पर नहीं देंगे।”

तनाव बरकरार, अतिरिक्त बल तैनात
प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।



