रायपुर। रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में शामिल दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को मुंबई और पुणे से गिरफ्तार किया है। एक आरोपी ने एसबीआई बैंक मैनेजर को फिक्स्ड डिपॉजिट का लालच देकर 17.82 लाख रुपये की ठगी की, जबकि दूसरे ने ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर 16 लाख रुपये ठग लिए। दोनों मामलों में पीड़ितों को पूरी राशि वापस दिलाई गई है।
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रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के विशेष निर्देशों पर यह कार्रवाई हुई। उन्होंने साइबर थाना रायपुर को तकनीकी साक्ष्य जुटाकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने का आदेश दिया था।
पहला मामला: भारतीय स्टेट बैंक की रामसागरपारा शाखा के प्रबंधक आशुतोष कुमार ने थाना आजाद चौक में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें बड़ी राशि फिक्स्ड डिपॉजिट कराने के बहाने 17.82 लाख रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। धारा 318(4) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज हुआ। तकनीकी जांच में मुख्य आरोपी सरफराज अंसारी (20 वर्ष, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) की पहचान हुई, जो घटना के बाद पुणे में छिपा था। पुणे में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। उसके पास से अहम दस्तावेज बरामद हुए और पीड़ित को पूरी राशि लौटाई गई।
दूसरा मामला: देवेश साहू ने थाना मंदिरहसौद में शिकायत की कि उन्हें ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर 16 लाख रुपये ठगे गए। धारा 420, 34 भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज हुआ, जिसकी जांच रेंज साइबर थाना कर रहा है। टेलीग्राम चैट और बैंक खातों के विश्लेषण से आरोपी मयूर जोशी (29 वर्ष, उल्हासनगर, महाराष्ट्र) का पता चला। उसने पीड़ित को गूगल रिव्यू टास्क देकर पहले छोटी राशि दी, भरोसा जमाया और फिर बड़ी रकम लेकर गायब हो गया। मुंबई में कार्रवाई कर उसे दबोचा गया।
आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए तकनीकी खुफिया और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। दोनों आरोपियों को रायपुर लाया जा रहा है और आगे की जांच जारी है।



