अंबिकापुर। सरगुजा जिले में पुलिस पर एक बार फिर मारपीट का आरोप लगा है। अधिवक्ता राजेश तिवारी ने आरोप लगाया है कि वर्दीधारी पुलिसकर्मी और उसके सहयोगियों ने उनके बेटे विवाद के बाद उनके परिवार के साथ मारपीट की। घायल अधिवक्ता ने एसपी के नाम एएसपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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गाड़ी मोड़ने को लेकर विवाद, मारपीट तक पहुँची बात
अधिवक्ता राजेश तिवारी के अनुसार, 15 नवंबर की रात उनका बेटा गाड़ी मोड़ रहा था, इसी दौरान एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी ने विवाद खड़ा कर दिया। कहा जा रहा है कि विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुँच गया। बीच-बचाव करने पहुँचे अधिवक्ता तिवारी और उनकी पत्नी के साथ भी पुलिसकर्मी और उसके भाई एवं सहयोगियों ने कथित रूप से मारपीट की, जिससे अधिवक्ता के पैर में गंभीर चोट आई है।
एएसपी को सौंपा गया ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता और ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राजेश तिवारी ने इस घटना की शिकायत एएसपी को दी है, जिसे एसपी के नाम संबोधित किया गया है। तिवारी ने दोषी पुलिसकर्मी और उसके सहयोगियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
अधिवक्ताओं में नाराजगी, दोषियों की पैरवी न करने का निर्णय
घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। अधिवक्ता संघ ने निर्णय लिया है कि इस मारपीट में शामिल पुलिसकर्मी, उसके भाई और सहयोगियों की किसी भी अधिवक्ता द्वारा पैरवी नहीं की जाएगी।
अधिवक्ताओं का कहना है कि “जनता की रक्षा करने वाले रक्षक ही अब भक्षक बनते जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।”




