बिलासपुर। जिले में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। मस्तूरी थाना क्षेत्र के हिर्री गांव में एक सूने घर में बुलाई गई प्रार्थना सभा के दौरान कथित रूप से लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पति-पत्नी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार, हिर्री गांव के एक खाली मकान में रविवार को लगभग 70 लोगों की भीड़ जुटी थी। बाहर से आए प्रचारकों ने इसे “प्रेयर मीटिंग” बताया, लेकिन हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि इस सभा की आड़ में गरीब और अशिक्षित लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था।

सूचना मिलते ही मस्तूरी पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां अफरातफरी मच गई। घर से बड़ी संख्या में लोग बाहर निकलते नजर आए। घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दर्जनों लोग घर से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी गोरेलाल टंडन और उसकी पत्नी सद्रोहा टंडन समेत 6 लोगों को हिरासत में लिया है। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में गुप्त रूप से धर्मांतरण की गतिविधियां बढ़ी हैं, और हिर्री की यह घटना उस नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।
थाना प्रभारी मस्तूरी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया। जांच में धर्म परिवर्तन कराने की गतिविधियों की पुष्टि हुई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
इस घटना के बाद गांव में माहौल गर्मा गया है। हिंदू संगठनों ने कठोर कार्रवाई की मांग की है, जबकि पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।



