बस्तर। बस्तर के बकावण्ड ब्लॉक में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय की स्थिति अत्यंत दयनीय है। यह स्कूल, जो कक्षा 1 से 12 तक दो पाली में संचालित है, अब भी विद्यार्थियों के मौलिक अधिकार और बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
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सुविधाओं की गंभीर कमी
- स्कूल में बैठक व्यवस्था, प्रयोगशाला और लाइब्रेरी उपलब्ध नहीं।
- छात्रों के लिए शौचालय और स्वच्छ पीने का पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं हैं।
- पुराने खस्ताहाल भवन में बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
- नए भवन बने होने के बावजूद बच्चों को फर्नीचर नहीं मिला, और लगातार बारिश से भवन में सीलन बनी रहती है।

जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही
शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों ने वर्षों से समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अधिकारियों का जवाब केवल यही होता है कि व्यवस्था सुधारने का काम जारी है, लेकिन कब बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएँ मिलेंगी, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।

बस्तर में शिक्षा की पिछड़ी तस्वीर
बस्तर क्षेत्र स्वतंत्रता के बाद से शिक्षा के अभाव और अपर्याप्त संसाधनों की समस्या झेल रहा है। आदिवासी बच्चों के भविष्य के लिए स्वच्छ वातावरण, बुनियादी सुविधाएँ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आज भी सपना बनकर रह गई है।
निष्कर्ष
1959 से संचालित इस स्कूल में आज भी बच्चों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए तरसना पड़ रहा है। यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो आदिवासी बच्चों का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होगा।



