रायपुर/जशपुर। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा उन्हीं राजनीतिक दलों से है, जो अपने स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया, वही आज लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है। इससे बड़ा राजनीतिक विरोधाभास और क्या हो सकता है?
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 4 नवंबर को जशपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास, ईवीएम, निर्वाचन आयोग और एसआईआर को लेकर विपक्ष के सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस आज दे रही लोकतंत्र की दुहाई
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उसके रवैये को उजागर करता है। देश में आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को जेल में डालने, प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का काम किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई बार संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर गैर-कांग्रेसी सरकारों को बर्खास्त किया। इसके बावजूद आज कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतंत्र की रक्षा करने की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक अवसरवादिता बताते हुए कहा कि जनता को ऐसे राजनीतिक दलों के इतिहास और उनके वास्तविक रवैये को समझना चाहिए।
चुनाव हारने पर EVM पर सवाल, जीतने पर भरोसा: CM साय
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब चुनाव परिणाम विपक्ष के पक्ष में आते हैं, तब ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। लेकिन चुनाव में हार मिलने पर वोट चोरी, ईवीएम और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए जाने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसी चुनावी प्रक्रिया पर भी कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता लगातार सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना विपक्ष की दोहरी राजनीति को दर्शाता है।
कांग्रेस की दोहरी राजनीति उजागर करने निकली पदयात्रा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का उद्देश्य कांग्रेस और इंडी गठबंधन की कथित दोहरी राजनीति को जनता के सामने उजागर करना है। इसके माध्यम से लोगों को लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वाले राजनीतिक दलों का अपना इतिहास भी जनता के सामने होना चाहिए। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
महादेव सट्टा ऐप केस में सौरभ चंद्राकर से पूछताछ पर CM का बड़ा बयान
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अहम बयान दिया। सौरभ चंद्राकर को विदेश से भारत लाए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले के मुख्य आरोपी को भारत लाया गया है और अब सीबीआई उससे पूछताछ करेगी।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पूछताछ के दौरान इस अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। साथ ही इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी खुलासा होने की संभावना है।
अमित जोगी के बयान पर CM साय का तीखा पलटवार
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी द्वारा सौरभ चंद्राकर को हीरो बताए जाने संबंधी बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि सौरभ चंद्राकर जैसे व्यक्ति को हीरो बताने वाले बयान संबंधित नेता की सोच और मानसिकता को उजागर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बयान के पीछे कैसी विचारधारा है, इसका आकलन प्रदेश की जनता खुद कर सकती है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस, इंडी गठबंधन और महादेव सट्टा ऐप मामले को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।




