रायपुर। राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए डिबेट चैलेंज और SIR के मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से संसद में चर्चा के प्रस्ताव को लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता राहुल गांधी को कई बार नकार चुकी है और अब वह अपनी राजनीतिक पहचान और कद बढ़ाने के लिए बहस की चुनौती दे रहे हैं।
‘अमित शाह ने चर्चा का प्रस्ताव दिया, राहुल भागेंगे’
ओपी चौधरी ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को संयुक्त संसदीय चर्चा या विशेष सत्र के माध्यम से मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चा का सामना करने के बजाय इससे दूर भागेंगे।
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वित्त मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी लगातार अपनी राजनीतिक हाइट बढ़ाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके दावों को पहले ही खारिज कर चुकी है।
5 लाख पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य
ओपी चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में ‘पीपल सिटी’ विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ‘विकसित भारत संकल्प पीपल वन’ का लोकार्पण किया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले एक लाख पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 5 लाख पेड़ कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ इस पहल को बड़े जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाना है।
कॉलेज में अधूरे राष्ट्रगान नहीं, वंदे मातरम को लेकर नोटिस
रायगढ़ के एक कॉलेज में वंदे मातरम का पूरा गायन नहीं होने और इसके बाद नोटिस जारी किए जाने के सवाल पर भी ओपी चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कॉलेज में वंदे मातरम का गायन अधूरा हुआ था, जिसके बाद इसे पूरा कराया गया। मामले में कलेक्टर की ओर से प्रशासनिक सख्ती के तहत नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने लोगों से वंदे मातरम एक्ट के प्रावधानों का पालन करने और निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यवहार करने की अपील की।
‘नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर में विकास की नई संभावनाएं’
बस्तर के विकास को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा देकर बड़ी सौगात दी थी और इसके लिए प्रदेशवासी उनके आभारी हैं।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव में कमी और इसके समाप्त होने के बाद बस्तर में विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। आने वाले समय में बस्तर को पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा और यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।




